कोण्डागांव
आदिवासी बच्चे अब भी बुनियादी सुविधाओं के मोहताज, कलेक्टर ने लगाई फटकार
प्रकाश नाग
केशकाल, 12 फरवरी (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के ग्राम होनहेड में लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से हाउसिंग बोर्ड विभाग द्वारा निर्मित प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास भवन दो वर्ष बाद भी संबंधित विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। निर्माण गुणवत्ता को लेकर आपत्तियां दर्ज किए जाने के कारण भवन का उपयोग शुरू नहीं हो पाया है।
स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार, भवन निर्माण पूर्ण होने के बाद वर्षा ऋतु में छत से पानी रिसाव और दीवारों में दरार जैसी समस्याएं सामने आई थीं। इसके बाद मरम्मत कार्य कराए जाने की बात कही गई, हालांकि संबंधित विभाग ने निर्माण की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई है।
ट्राइबल विभाग ने गुणवत्ता पर आपत्ति जताई
आदिवासी विकास (ट्राइबल) विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में कमियां पाए जाने के कारण भवन को अभी तक हैंडओवर नहीं लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक सुधार और मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण होने के बाद ही भवन स्वीकार किया जाएगा।
कलेक्टर ने किया निरीक्षण
हाल ही में कोंडागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने स्थल निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आवश्यक सुधार कर शीघ्र हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दो वर्ष से उपयोग में नहीं आया भवन
भवन तैयार होने के बावजूद उपयोग शुरू न होने से छात्रावास सुविधा प्रारंभ नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के विद्यार्थियों को छात्रावास सुविधा की आवश्यकता है और भवन के शीघ्र उपयोग में आने की अपेक्षा है।
मामले में हाउसिंग बोर्ड और संबंधित निर्माण एजेंसी का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। जांच और सुधार कार्य की प्रगति पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।


