कोण्डागांव

सुरक्षित सडक़ें, सुरक्षित जीवन और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
03-Feb-2026 11:14 PM
सुरक्षित सडक़ें, सुरक्षित जीवन और  साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर

राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह का समापन समारोह

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 3 फरवरी। कोण्डागांव जिला यातायात पुलिस विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह 2026 का भव्य समापन समारोह 2 फरवरी को ऑडिटोरियम भवन में उत्साह, गरिमा और जन-जागरूकता के साथ संपन्न हुआ। यह अभियान 01 से 31 जनवरी तक जिले भर में संचालित किया गया, जिसमें सडक़ सुरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा जागरूकता को भी विशेष रूप से शामिल किया गया।

 राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह भारत सरकार के सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष जनवरी  में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह 37वां राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह रहा। इसका उद्देश्य सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और सडक़ सुरक्षा - जीवन रक्षा की भावना को सशक्त करना है। इस वर्ष अभियान में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग, ड्राइविंग के दौरान लापरवाही और ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, फेक कॉल, मैसेज जैसे साइबर खतरों को देखते हुए साइबर जागरूकता को भी प्रमुखता दी गई।

 अभियान के दौरान जिले के स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई, बाजारों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, रैलियां, पोस्टर-बैनर प्रदर्शनियां, स्लोगन प्रतियोगिताएं और जागरूकता सभाएं आयोजित की गईं। इसके साथ ही सुरक्षित ड्राइविंग प्रशिक्षण सत्र, लर्निंग लाइसेंस शिविर तथा हेलमेट-सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, शराब व नशे में वाहन न चलाने, तेज गति व मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग रोकने जैसे विषयों पर विशेष अभियान चलाए गए।

सायबर जागरूकता के तहत मोबाइल का सुरक्षित उपयोग, ड्राइविंग के दौरान हैंड्स-फ्री, ब्लूटूथ का प्रयोग, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने और साइबर अपराध की शिकायत प्रक्रिया पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त गुड समैरिटन नीति के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।

 समापन समारोह में यातायात नियमों का पालन करने वाले उत्कृष्ट वाहन चालकों, संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साइबर जागरूकता में सक्रिय सहभागिता निभाने वालों को भी प्रोत्साहित किया गया।

पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने बताया कि जिले में जल्द ही आईटीएमएस सिस्टम शुरू किया जाएगा, ट्रैफिक पुलिस को बॉडी-वॉर्न कैमरा से लैस किया जाएगा और ऑन-व्हीकल ट्रैफिक पुलिसिंग को और मजबूत किया जाएगा। विधायक लता उसेंडी ने कहा कि सडक़ हादसों का मुख्य कारण लापरवाही है, जिसका असर केवल वाहन चालक पर नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए सडक़ सुरक्षा में सभी की जिम्मेदारी अहम है।


अन्य पोस्ट