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टाइप-1 डायबिटीज से घबराने की जरूरत नहीं, समय पर इलाज जरूरी-स्वास्थ्य मंत्री
18-Jan-2026 6:59 PM
 टाइप-1 डायबिटीज से घबराने की जरूरत नहीं, समय पर इलाज जरूरी-स्वास्थ्य मंत्री

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

खैरागढ़,18 जनवरी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के दरबार हाल में स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में बच्चों में मधुमेह टाइप-1 डायबिटीज/बाल मधुमेह की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार एवं समुदाय स्तर पर जागरूकता को लेकर गैर संचारी रोग - बाल मधुमेह विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  विक्रांत सिंह, जिला पंचायत सदस्य अरुणा बनाफर,  ललित चोपड़ा, पूर्व जिला पंचायत सभापति घम्मन साहू, जनपद पंचायत खैरागढ़ अध्यक्ष प्रतिनिधि शैलेंद्र त्रिपाठी, वरिष्ठ नागरिक  शैलेंद्र मिश्रा, बिसेसर साहू,  टी.के. चंदेल, कलेक्टर  इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, पुलिस अधीक्षक  लक्ष्य शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रेम कुमार पटेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चे एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि बाल मधुमेह टाइप-1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र स्वयं इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रोग संक्रामक नहीं है और समय पर जांच, नियमित इंसुलिन, संतुलित आहार एवं सही जीवनशैली प्रबंधन से प्रभावित बच्चे भी सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना, कमजोरी या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों के उपचार, परामर्श एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सोनोग्राफी मशीन एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने तथा भविष्य में सीटी स्कैन मशीन दिए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही जिले को 6 एम्बुलेंस एवं 1 विशेष एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की जानकारी दी।

उन्होंने आगामी समय में सिविल अस्पताल खैरागढ़ में 50 बिस्तरों वाला एमसीएच मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य भवन स्थापित करने तथा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 100 नए पदों पर भर्ती शीघ्र निकालने की भी घोषणा की।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नए जिला अस्पताल के निर्माण तक खैरागढ़ में संचालित अस्पताल को जिला अस्पताल के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए उन्होंने सीएमएचओ को आवश्यक मांग प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए।

अपने उद्बोधन के अंत में स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ के मंत्र को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और आमजन तक सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष  विक्रांत सिंह ने अपने संबोधन में जिले के स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी संस्थागत समस्याओं एवं जमीनी चुनौतियों की ओर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु की गई घोषणाओं के लिए स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

कलेक्टर  इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने कहा कि बाल मधुमेह जैसी गैर संचारी बीमारियों की समय पर पहचान एवं सतत उपचार के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं समुदाय के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रम, नियमित स्क्रीनिंग एवं उपचार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जिले की स्वास्थ्य अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रेम कुमार पटेल ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए स्वास्थ्य मंत्री, जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, यूनिसेफ से डॉ. गजेंद्र सिंह स्वास्थ्य विशेषज्ञ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, चिकित्सकों एवं उपस्थित प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 17 बाल मधुमेह से पीडि़त बच्चों सहित उनके परिजनों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बच्चों हेतु डायबिटीज किट वितरित किया गया।

इस अवसर पर अधिकारी कर्मचारी एवं डॉक्टर, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे ।


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