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आयुष्मान आरोग्य मंदिर पांडातराई में स्वास्थ्य शिविर, 170 की हुई जांच
02-Jun-2026 6:11 PM
आयुष्मान आरोग्य मंदिर पांडातराई में स्वास्थ्य शिविर, 170 की हुई जांच

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बोड़ला, 2 जून।
कबीरधाम जिले के सेक्टर पांडातराई अंतर्गत नगर पंचायत पांडातराई में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को टीबी के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी के लक्षणों की समय पर पहचान कर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना था, ताकि 'टीबी हारेगा, देश जीतेगाÓ अभियान को मजबूती मिल सके।

यह शिविर 1 जून को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी. के. तुर्रे के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। जिला नोडल अधिकारी (एनटीईपी) डॉ. केशव ध्रुव एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी के मार्गदर्शन तथा बीएमओ डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर का संचालन किया।

शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, भूख कम लगना अथवा लगातार वजन कम होने जैसी समस्याएं हों, तो तत्काल जांच करानी चाहिए। टीबी का संपूर्ण उपचार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नि:शुल्क उपलब्ध है।
नगर पंचायत पांडातराई स्थित गुप्ता धर्मशाला भवन में आयोजित शिविर में पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन एवं डिजिटल एक्स-रे सुविधा के माध्यम से ग्रामीणों की जांच की गई। शिविर में 170 से अधिक लोगों ने डिजिटल एक्स-रे सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांचों का लाभ उठाया। जांच कराने पहुंचे लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट दो दिन बाद उपलब्ध कराई जाएगी।
शिविर के दौरान 31 लोगों के आभा कार्ड तथा 2 लोगों के आयुष्मान भारत कार्ड भी बनाए गए। यह कार्य ऑपरेटर निशा साहू द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता रामकुमार सोनी, उपाध्यक्ष मनोज सिंह ठाकुर, मितानिन ट्रेनर, नगर पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में मितानिनों की भूमिका सराहनीय रही।

कार्यक्रम के सफल संचालन में बीपीएम प्रदीप सिंह ठाकुर, आरएमए रविन्द्र कौशिक, एसटीएलएस जेम्स जॉन, एसटीएस नीलकमल, सेक्टर प्रभारी एवं सेक्टर सुपरवाइजर सिद्धराम चंद्रवंशी, कल्याणी सोनी, वीरेंद्र चंद्राकर, एक्स-रे टेक्निशियन, नीलम पन्ना, रामटहल यादव, भागवत यादव, एमटी सविता पाठस्कर तथा समस्त मितानिन दीदियों का विशेष योगदान रहा।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें तथा समय रहते जांच कराकर उपचार प्रारंभ करें। ग्रामीणों ने भी स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव स्तर पर आयोजित ऐसे स्वास्थ्य शिविरों से लोगों को समय पर जांच एवं उपचार की सुविधा मिल रही है, जिससे गंभीर बीमारियों की पहचान प्रारंभिक अवस्था में ही संभव हो पा रही है।


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