कवर्धा

कवर्धा में वन स्थायी समिति की बैठक आयोजित
04-Apr-2026 3:55 PM
कवर्धा में वन स्थायी समिति  की बैठक आयोजित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कवर्धा, 4 अप्रैल। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, कवर्धा वनमंडल द्वारा 2 अप्रैल को वनमंडल कार्यालय के सभाकक्ष में वन स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में वन स्थायी समिति के सभापति राजकुमार मेरावी, जिला पंचायत सदस्य लोकचंद साहू, प्रतिनिधि रूप सिंह धुर्वे, महेन्द्र धृतलहरे, जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी धृतलहरे, ललिता धुर्वे सहित वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल, उप वनमंडलाधिकारी अभिनव केशरवानी, सुयशधर दीवान, शिवेन्द्र भगत, अधीक्षक अनिता साहू सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

बैठक में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के कार्य, वर्ष 2025-26 के कार्यों की समीक्षा, राजसात वाहनों की स्थिति तथा चक्रीय निधि की राशि पर चर्चा की गई। श्री कीर्तिवर्धन ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी दी कि संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की राशि का उपयोग आय एवं रोजगार, सिंचाई, अधोसंरचना और पेयजल से जुड़े कार्यों में किया जाता है।

प्रस्तुति के अनुसार, 60 प्रतिशत राशि आय एवं रोजगार गतिविधियों, 20 प्रतिशत सिंचाई विकास, 10 प्रतिशत अधोसंरचना और 10 प्रतिशत पेयजल व्यवस्था पर व्यय की जाती है। वर्ष 2025-26 में इन मदों के तहत विभिन्न कार्य किए गए हैं।

वनमंडल के अंतर्गत लगभग 8 राजसात वाहनों की जानकारी दी गई, जिनके संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

चक्रीय निधि के तहत हितग्राहियों को विभिन्न प्रकार के ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनकी पुनर्भुगतान अवधि 5 वर्ष निर्धारित है और 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर लागू है।

वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने योजना के प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

 बैठक में सभापति राजकुमार मेरावी और लोकचंद साहू ने ऋण वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित हितग्राहियों को नोटिस जारी करने का सुझाव दिया।

सरोधा जलाशय क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, अवैध गतिविधियों की रोकथाम और अतिक्रमण हटाने के संबंध में भी चर्चा हुई। साथ ही वनों को आग से सुरक्षित रखने के लिए समन्वित प्रयास करने पर सहमति बनी।

इसके अलावा ‘किसान वृक्ष मित्र योजना’ के तहत पौधारोपण बढ़ाने और वन क्षेत्रों में पशु चराई को नियंत्रित करने के संबंध में भी सुझाव दिए गए।


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