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मप्र के जमाने में बने खालेमुरवेंड और अतुरगांव पुल अत्यंत जर्जर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
15-Jan-2026 4:20 PM
मप्र के जमाने में बने खालेमुरवेंड और अतुरगांव पुल अत्यंत जर्जर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

यदि पुल टूट जाता है तो बस्तर की कनेक्टिविटी पूरी तरह हो जाएगी बन्द
प्रकाश नाग
केशकाल, 15 जनवरी (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)।
बस्तर संभाग का प्रवेश द्वार कहलाने वाला केशकाल सडक़ कनेक्टिविटी को लेकर लम्बे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। पहले केशकाल घाटी के जर्जर हाल से लोग परेशान थे। जब घाटी की सडक़ का सौंदर्यीकरण हुआ तो केशकाल शहर की सडक़ खराब हो गई। अब घाटी के नीचे ग्राम खालेमुरवेंड और अतुरगांव की पुल अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। यदि दोनों पुल में एक भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती है तो बस्तर की हजारों गाडिय़ों के पहिये थम जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी पूरी तरह ठप हो जाएगा व व्यापार में भी छत्तीसगढ़ को काफी नुकसान हो सकता है। 

मध्यप्रदेश के जमाने बने राष्ट्रीय राजमार्ग 30 की दो पुल खतरे में 

राजधानी रायपुर को बस्तर और दक्षिण भारत से जोडऩे वाला एकमात्र सडक़ एनएच 30 ग्राम खालेमुरवेंड का पुल जो कि अविभाजित मध्यप्रदेश में बनाया गया था, इन दिनों अत्यंत जर्जर अवस्था में है। इस पुल पर बड़े-बड़े गड्ढे पनपने लगे हैं। वहीं सडक़ के बीचों बीच दरारें इतनी बढ़ चुकी हैं कि पुलिया के नीचे का नाला और खाई तक नजर आने लगी है। सडक़ दुर्घटनाओं से बचने के लिए पुल पर बनाया गया साइड वॉल पूरी तरह से टूट चुका हैं। जब भी कोई मालवाहक वाहन और यात्री बस इस पुल से गुजरते है तो यह थर-थर कांपने लगता है। अगर ये पुल टूट जाता है तो राजधानी रायपुर से बस्तरवासियों का कनेक्शन पूरी तरह टूट जाएगा। नवीन पुल पूर्ण होने से पहले एनएच विभाग ने ठेकेदार को कर दिया ब्लैक लिस्ट
इस जर्जर पुल के ठीक बगल में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के द्वारा नवीन पुल का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। लेकिन ठेकेदार द्वारा निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूरा न किए जाने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। अब लगभग साल भर बीतने को है, इस पुल का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। यदि जल्द से जल्द इस जर्जर पुलिया की मरम्मत नहीं करवाई गई तो आने वाले समय में इस पुलिया पर बड़ी दुर्घटना होने की संभावना भी बनी हुई है। साथ ही निर्माणाधीन पुलिया का कार्य भी जल्द पूरा करवाना अब जरूरी हो गया है।

दुर्घटना का खतरा
राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में इन दिनों ट्रैफिक बहुत ज्यादा हो गया है। हर दिन हजारों गाडिय़ों का आवागमन ग्राम खालेमुरवेंड और अतुरगांव पुल के ऊपर से ही होकर गुजरता है । साथ ही साथ बस्तर के जितने भी कांग्रेस हो या भाजपा के नेता, विधायक, मंत्री और विभागीय अधिकारी इसी जर्जर पुल के ऊपर से ही आवागमन कर रहे हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है जैसे सभी एक बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे होंगे क्योंकि जब आप दोनों पुलिया के ऊपर खड़े हो जाओगे पता चलेगा किस तरह से पुलिया हिलता है उससे अंदाजा लगा सकते हो कि कभी भी पुल धंस सकता है । इसलिए सभी जिम्मेदारों को गंभीरता लेते हुए जल्द से जल्द पुल का निर्माण करवाना होगा ।

जल्द ही नए पुल को करवाएंगे शुरू - कलेक्टर
‘छत्तीसगढ़’ से बातचीत करते हुए कोंडागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 30 खालेमुरवेंड में बना पुल काफी जर्जर हो चुका है। जिसे देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा ठीक बगल में नए पुल का निर्माण करवाया जा रहा है जो लगभग पूर्ण हो चुका है, केवल अप्रोच रोड का निर्माण होना बाकी है। हमारा प्रयास है कि जल्द ही अप्रोच रोड निर्माण का कार्य पूरा करवाते हुए नए पुल से आवागमन शुरू करवाया जाएगा। 


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