जशपुर
पत्थलगांव, 10 सितंबर। घर-घर विराजे विघ्नहर्ता गणेश भगवान। गणेश जिन्हें प्रथम पूज्य देवता कहते हंै। घर-घर पंडालों में पूरे विधि-विधान से पुरोहित महाराज के शंख ध्वनि और मंत्रोच्चारण के बाद पूजा कर घरों में विराजमान हुए। सुबह से ही घरों में तैयारी की जा रही थी। बच्चों ने इसके लिए सुबह से ही जल्दी तैयार होकर भगवान गणेश के पूजा पाठ का इंतजार कर रहे थे। घरों को इसके लिए पहले से ही सजाया गया था। झालर और लाइटिंग और अन्य साज-सज्जा कर घर को सजाया गया था। आम के पत्तों और फूलों के तोरण द्वार बनाए गए। सुबह से ही घरों और पंडालों में पंडित-पुरोहित ने मंत्र पढक़र विधि-विधान से गणेश स्थापना किया। अब रोज सुबह और शाम पूजा की जाएगी। श्रीकांत महाराज ने बताया कि आज दिन भर घर-घर में या पंडालों में विघ्नहर्ता की मूर्ति स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिस घर में गणेशजी की स्थापना कर पूजा पाठ होती है वहां स्वत: ही नकारात्मकता समाप्त हो जाती है। उस घर में सुख-शान्ति और सफलता के रास्ते अपने आप खुलते हैं। बीते वर्ष कोविड महामारी की वजह से घर और पंडालों में विघ्नहर्ता नहीं बिठा पाए थे, पर अब लोग कुछ दिशा-निर्देश के तहत मूर्ति बिठाने की छूट है। जिसमें सोशल डिस्टेंस, सेनेटाइजर जैसी महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाना है।


