जशपुर

किसानों की उपज दाना-दाना खरीदना होगा-परमेश्वर भगत
10-Jan-2026 3:50 PM
किसानों की उपज दाना-दाना खरीदना होगा-परमेश्वर भगत

46 धान खरीदी केंद्रों में कांग्रेस का जिला-व्यापी आंदोलन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जशपुरनगर, 10 जनवरी। धान खरीदी में अव्यवस्था, नमी कटौती, अवैध वसूली और किसानों से दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शुक्रवार को जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में एक साथ आंदोलन किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

परमेश्वर भगत ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोरा ने कहा कि सरकार को किसानों की उपज का दाना-दाना खरीदना होगा। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों की तुलना में इस वर्ष कई किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं और टोकन व संशोधन के लिए भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन से किसानों में उम्मीद की भावना मजबूत हुई है।

इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं सहित युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल सहित सभी संगठनों की संयुक्त भागीदारी रही । पूर्व विधायक विनय कुमार भगत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों को परेशान करने का काम कर रही है, जो सर्वथा अनुचित है। जो कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। वही प्रदेश महामंत्री आरती सिंह ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार किसान विरोधी नीतियाँ लागू कर रही है और अपने वादों से पीछे हट रही है, जबकि कांग्रेस हमेशा किसानों के साथ खड़ी है।

परमेश्वर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री के जिले में ही किसानों से नमी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, 40.680 किलोग्राम मानक तौल की अनदेखी हो रही है तथा बिचौलियों के माध्यम से खरीदी होने से किसानों को सीधा नुकसान हो रहा है। विरोध करने पर किसानों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें आती हैं, लेकिन प्रशासन मौन है।

 

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

बारदाना सहित 40.680 किलोग्राम मानक तौल लागू हो। बिचौलियों के माध्यम से खरीद पर रोक लगे।  संदिग्ध राइस मिलों पर विशेष निगरानी हो। किसानों से अभद्रता करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। नमी के नाम पर वसूली पूर्णत: बंद हो। 22 दिसंबर 2025 को सौंपे गए ज्ञापन पर कार्रवाई हो। कांग्रेस ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि अन्नदाता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसान न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।


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