अंतरराष्ट्रीय
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान मुद्दे को लेकर अमेरिका के साथ संभावित 'टकराव' की चेतावनी दी है.
उन्होंने इसे 'चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे अहम मुद्दा' बताया.
शी जिनपिंग ने कहा, "अगर इस मुद्दे को सही तरीके से संभाला गया तो द्विपक्षीय संबंध सामान्य रूप से स्थिर रह सकते हैं. लेकिन अगर इसे ठीक से नहीं संभाला गया तो दोनों देश टकराव या यहां तक कि संघर्ष की स्थिति में पहुंच सकते हैं, जिससे पूरे चीन-अमेरिका संबंध बेहद ख़तरनाक मोड़ पर पहुंच जाएंगे."
उन्होंने कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता 'ताइवान स्ट्रेट में शांति के बिल्कुल उलट' है.
साथ ही उन्होंने कहा कि इस इलाक़े में शांति बनाए रखना चीन और अमेरिका के बीच 'सबसे बड़ा साझा हित' है.
ताइवान एक स्वशासित द्वीप है, जिस पर चीन अपना दावा करता है और उसे बलपूर्वक अपने नियंत्रण में लेने की संभावना से भी इनकार नहीं करता.
हाल के सालों में चीन ने ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास बढ़ाए हैं, जिनमें नाकाबंदी जैसे युद्धाभ्यास भी शामिल हैं.
इससे ताइवान प्रशासन और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ी है.
पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने ताइवान को 11 अरब डॉलर के हथियार बेचने का एलान किया था.
चीन ने उस समय इसकी आलोचना की थी और आज की बैठक से पहले भी इसे लेकर चेतावनी दी थी. (bbc.com/hindi)


