अंतरराष्ट्रीय
ईरान अभी भी अपने मोबाइल मिसाइल लॉन्चरों और मिसाइलों के बड़े हिस्से को बनाए हुए है, ऐसा हालिया अमेरिकी खुफिया आकलनों में सामने आया है. न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के पास युद्ध से पहले के लगभग 70 प्रतिशत मिसाइल भंडार और मोबाइल लॉन्चर अब भी मौजूद हैं. इसके अलावा, लगभग 90 प्रतिशत भूमिगत मिसाइल भंडारण और लॉन्च सुविधाएं फिर से आंशिक या पूरी तरह चालू हो चुकी हैं, जिससे उसकी सैन्य क्षमता अभी भी काफी मजबूत मानी जा रही है.
रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित अपने अधिकांश अहम मिसाइल ठिकानों तक दोबारा पहुंच हासिल कर ली है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है. कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. खुफिया जानकारी के अनुसार, ईरान ने ना केवल अपने ठिकानों को फिर से सक्रिय किया है, बल्कि कुछ क्षतिग्रस्त मिसाइलों की मरम्मत और नई मिसाइलों का निर्माण भी शुरू कर दिया है.
वहीं, इस मुद्दे पर अमेरिकी प्रशासन और मीडिया के बीच मतभेद भी सामने आए हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया रिपोर्टों को "फेक न्यूज" बताते हुए कहा कि ईरान की सैन्य स्थिति को मजबूत दिखाना देश के खिलाफ है. दूसरी तरफ, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यह दावा खारिज किया कि ईरान युद्ध के कारण अमेरिकी हथियार भंडार कम हो गए हैं और कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त हथियार मौजूद है. (dw.com/hi)


