अंतरराष्ट्रीय
यूरोपीय संघ (ईयू) अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के अधिकारियों को ब्रसेल्स बुलाने की योजना बना रहा है. यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा हो सकती है, जिसमें यूरोप में रह रहे कुछ अफगान प्रवासियों को वापस अफगानिस्तान भेजने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी. हालांकि, ईयू ने साफ किया है कि इस बैठक का मतलब तालिबान को आधिकारिक मान्यता देना नहीं होगा.
यह बैठक कुछ सदस्य देशों के अनुरोध पर आयोजित की जा रही है और अभी इसकी तारीख तय नहीं हुई है. ईयू के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह बातचीत तकनीकी स्तर पर होगी और इससे पहले ईयू के अधिकारी जनवरी में काबुल जाकर तालिबान से मुलाकात कर चुके हैं. स्वीडन इस प्रस्तावित बैठक के समन्वय में मदद कर रहा है.
तालिबान के 2021 में सत्ता में लौटने के बाद से बड़ी संख्या में अफगान नागरिक यूरोप में शरण मांग चुके हैं. यूरोपीय कानून के अनुसार, अपराध करने वाले या सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले प्रवासियों को वापस भेजा जा सकता है, लेकिन तालिबान के साथ कूटनीतिक संबंध न होने के कारण यह प्रक्रिया मुश्किल रही है. ऐसे में यह प्रस्तावित बैठक इस समस्या का समाधान खोजने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है. (dw.com/hi)


