अंतरराष्ट्रीय
US DEPARTMENT OF WAR
अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन का कहना है कि अमेरिकी सेना ने रात में इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र में एक प्रतिबंधित टैंकर पर "बिना किसी घटना के" चढ़ाई की.
यह क़दम ईरान का समर्थन करने वाले "अवैध नेटवर्क को रोकने" के प्रयासों के तहत उठाया गया.
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर ने कहा कि टैंकर का नाम एम/टी टिफ़नी है और यह बिना झंडे वाला जहाज़ है.
विभाग ने इस ऑपरेशन की तस्वीरों और वीडियो के साथ यह अपडेट साझा किया.
विभाग का कहना है कि उसका "अवैध नेटवर्क को रोकने और ईरान को सहायता करने वाले प्रतिबंधित जहाज़ों को रोकने के लिए वैश्विक समुद्री प्रयास जारी है, चाहे वे कहीं भी संचालित होते हों."
इसमें आगे कहा गया है, "प्रतिबंधित जहाज़ों के लिए अंतरराष्ट्रीय जल कोई पनाहगाह नहीं है."
हिंद महासागर में अमेरिका ने जिस टैंकर पर चढ़ाई की, उसके बारे में हमें क्या पता है?
बीबीसी वेरिफ़ाई के थॉमस कोपलैंड ने बताया है कि जहाज़-ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि हिंद महासागर में अमेरिकी सेना द्वारा रोके गए एक टैंकर ने आज सुबह-सुबह अचानक मोड़ लिया और अब वह श्रीलंका से लगभग 700 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में अपनी लोकेशन बता रहा है.
मैरीन ट्रैफ़िक के डेटा से पता चलता है कि कच्चे तेल का टैंकर टिफ़नी, जिसकी क्षमता क़रीब तीन लाख टन है, इस समय माल से लदा हुआ है.
इस टैंकर पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया हुआ है और यह एक भारतीय शिपिंग कंपनी से जुड़ा है, जिस पर ईरान से संबंधों के कारण अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं.
लोकेशन डेटा से पता चलता है कि टिफ़नी 10 अप्रैल को खाड़ी क्षेत्र से निकला था और 18 अप्रैल को अमेरिकी सेना के रोकने से पहले, श्रीलंका के गॉल बंदरगाह के पास कुछ देर के लिए रुका था.
मैरीन ट्रैफ़िक के अनुसार, अनुमान था कि यह रविवार को अपने बताए गए गंतव्य सिंगापुर पहुँच जाएगा. (bbc.com/hindi)


