अंतरराष्ट्रीय
जारोस्लाव लुकिव
यमन के हूती विद्रोहियों ने पुष्टि की है कि उनके प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब नासिर अल-रहावी इस हफ़्ते की शुरुआत में इसराइली हवाई हमले में मारे गए हैं.
ईरान समर्थित इस संगठन ने बताया कि गुरुवार को इसराइली सेना ने यमन की राजधानी सना पर हमला किया, जिसमें कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए.
इसराइली सेना का कहना है कि सना क्षेत्र में एक बैठक के दौरान इसराइली लड़ाकू विमानों ने रहावी और अन्य हूती अधिकारियों को निशाना बनाया.
हूती विद्रोही 2014 से यमन के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर क़ब्ज़ा किए हुए हैं.
उसी साल उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सना से बाहर कर दिया था, जिससे यमन में विनाशकारी गृहयुद्ध शुरू हो गया था.
हूति विद्रोहियों ने कहा है कि रहावी कई मंत्रियों के साथ मारे गए, हालांकि उन्होंने मंत्रियों के नाम नहीं बताए.
सऊदी अरब की न्यूज़ साइट अल-हदथ की रिपोर्ट के मुताबिक़, हूति विद्रोहियों के विदेश मंत्री, साथ ही न्याय, युवा एवं खेल, सामाजिक मामलों के मंत्री और श्रम मंत्री भी इस हमले में मारे गए.
अहमद अल-रहावी क़रीब एक साल पहले प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन सरकार की बागडोर उनके उप-प्रधानमंत्री मोहम्मद मुफ़्ताह के हाथों में थी.
शनिवार को मुफ़्ताह को प्रधानमंत्री का कार्यभार सौंपा गया है. (bbc.com/hindi)


