अंतरराष्ट्रीय
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को अदालत ने शुक्रवार, 16 जनवरी को न्याय में बाधा डालने और सबूत मिटाने जैसे गंभीर अपराधों के लिए पांच साल की जेल की सजा सुनाई है. दिसंबर 2024 में देश में मार्शल लॉ (सैन्य शासन) लगाने की असफल कोशिश करने के बाद यून सुक योल को पद से हटा दिया गया था.
उन पर मुख्य रूप से मार्शल लॉ की घोषणा के दौरान कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने, आधिकारिक दस्तावेजों में जालसाजी करने, फोन डेटा मिटाकर सबूत नष्ट करने और अपनी गिरफ्तारी को रोकने के लिए अधिकारियों के काम में बाधा डालने के आरोप सिद्ध हुए हैं.
यून सुक योल ने दिसंबर 2024 में अचानक मार्शल लॉ घोषित कर सबको चौंका दिया था. उन्होंने इसका बचाव करते हुए कहा था कि वह विपक्षी और राज्य विरोधी ताकतों से लोकतंत्र की रक्षा कर रहे हैं. हालांकि, उनकी अपनी पार्टी के सदस्यों और विपक्षी सांसदों ने संसद में इसके खिलाफ मतदान कर इसे मात्र 6 घंटे में ही समाप्त कर दिया था.
मार्शल लॉ विफल होने के बाद, उन्होंने खुद को अपने आवास में बंद कर लिया था, जिसके बाद लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों ने धावा बोलकर उन्हें गिरफ्तार किया. यह दक्षिण कोरियाई इतिहास में किसी मौजूदा राष्ट्रपति की गिरफ्तारी की पहली घटना थी.
यून सुक योल पर अभी भी राजद्रोह की योजना बनाने के गंभीर आरोप के तहत मुकदमा चल रहा है. इस मामले में अभियोजकों ने उनके लिए मौत की सजा की मांग की है, जिस पर फैसला फरवरी में आने की उम्मीद है. फिलहाल, पिछले साल जून में हुए चुनाव के बाद विपक्षी लोकतांत्रिक पार्टी के ली जेइ म्युंग देश के नए राष्ट्रपति के रूप में कमान संभाल रहे हैं. (dw.com/hi)


