अंतरराष्ट्रीय
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएसुस ने कहा है कि दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी में नासेर अस्पताल की मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुँचा है.
इसराइली हमले में अस्पताल को निशाना बनाया गया. इसराइली सेना ने पुष्टि की है कि उसने नासेर अस्पताल क्षेत्र में हमला किया. वहीं, बीबीसी वेरिफ़ाई ने अस्पताल पर दो हमलों के कई ग्राफ़िक वीडियो को सत्यापित किया है.
एक एक्स पोस्ट में गीब्रिएसुस ने कहा कि जिस हिस्से पर हमला हुआ, वहां अस्पताल का इमरजेंसी विभाग, इन-पेशेंट वार्ड और सर्जिकल यूनिट है. उन्होंने बताया कि इमरजेंसी सीढ़ियों को भी नुकसान पहुँचा है.
उन्होंने कहा कि घायलों में "गंभीर रूप से बीमार मरीज़ भी शामिल हैं जिनका पहले से उपचार चल रहा था."
उन्होंने ये भी कहा, "जब ग़ज़ा में लोगों को भूखा रखा जा रहा है, तब स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी सीमित पहुँच को लगातार हो रहे हमलों से और भी कमज़ोर बना दिया गया है."
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अपील की, "स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले बंद करो. तुरंत युद्धविराम हो."
धमाके के बारे में चश्मदीद क्या कह रहे हैं?
नासेर अस्पताल में फ़लस्तीनियों के लिए काम करने वाली संस्था मेडिकल एड फ़ॉर पैलेस्टिनियंस की कार्यक्रम अधिकारी हदील अबू ज़ैद ने बताया कि वह आईसीयू में मौजूद थीं, तभी पास के ऑपरेशन थिएटर में धमाके हुए. उन्होंने इस पल को "असहनीय" बताया.
अस्पताल में मौजूद एक ब्रिटिश स्वास्थ्यकर्मी, जिन्होंने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि वह भी हमले के समय आईसीयू में थे. उनके मुताबिक़, जैसे ही मरीजों को निकालने की योजना बनाई जा रही थी, तभी दूसरा धमाका हो गया.
उन्होंने कहा, "मैं ख़ुद को सुरक्षित जगह आने के लिए भाग्यशाली मानता हूँ, लेकिन वास्तविकता यह है कि ग़ज़ा में कहीं भी सुरक्षित जगह नहीं है." (bbc.com/hindi)


