गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 6 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गरियाबंद आकांक्षी विकासखंड के ग्राम कोपेकसा में जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण, जल संचय और पर्यावरण संवर्धन को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर बीएस उइके ने ग्रामीणों को जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की सामूहिक शपथ दिलाई।
शुक्रवार को नीति आयोग के आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में हरित पंचायत, हरित स्कूल और हरित ग्राम की अवधारणा को बढ़ावा दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संकट के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करना और सामुदायिक सहभागिता से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना था। इस दौरान पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर और जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, जनपद पंचायत सीईओ अमृता शर्मा भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने जनजातीय संस्कृति और स्थानीय परंपराओं के अनुरूप पर्यावरण अनुकूल आयोजन किया। गांव को गोबर से लिपाई-पुताई और रंगोली से सजाया गया, जबकि भुंजिया जनजाति ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से अतिथियों का स्वागत किया। जल संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के लिए विशेष पूजा-अर्चना भी की गई।
वहीं तकनीकी सहयोगी संस्था एसॉर्ड एनजीओ के विशेषज्ञों ने जल बजट, रिसोर्स मैपिंग, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता गड्ढा निर्माण, तालाब गहरीकरण और भू-जल पुनर्भरण जैसे उपायों की जानकारी दी। ग्राम स्तर पर जल बजट तैयार करने की प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों और ग्रामीणों ने वृक्षारोपण कर हरित भविष्य का संदेश दिया। कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न प्रदर्शनी, स्टॉल और स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। वहीं स्कूली बच्चों ने रंगोली, चित्रकला और पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर बीएस उइके ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने प्रत्येक परिवार और ग्राम समुदाय से वर्षा जल संरक्षण, जल संचयन संरचनाओं के निर्माण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने हरित गरियाबंद के निर्माण और आने वाली पीढिय़ों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की शपथ ली।


