गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 4 जून। गरियाबंद जिले में बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत फ्र ांस की संस्था एक्शन अगेंस्ट हंगर द्वारा जिले के 14 जर्जर एवं अति जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों का जीर्णोद्धार एवं उन्नयन किया गया है। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से इन केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाकर पुन: संचालन योग्य किया गया है।
प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर लगभग 5 से 7 लाख रुपये खर्च कर व्यापक मरम्मत एवं आधुनिकीकरण कार्य किए गए हैं। केंद्रों में मॉड्यूलर किचन, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, नल कनेक्शन, पानी टंकी, फर्श एवं आंगन में टाइल्स, विद्युत व्यवस्था, पंखे, रंग-रोगन तथा बच्चों के लिए गतिविधि सामग्री उपलब्ध कराई गई है। साथ ही गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों की जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आवश्यक उपकरण भी प्रदान किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त ये आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास एवं प्रारंभिक शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल जिले में पोषण एवं बाल विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी। एसडीएम हितेश्वरी बाघे ने कहा कि आकर्षक एवं सुविधायुक्त आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ माताओं में भी विश्वास एवं जागरूकता का वातावरण निर्मित करेंगे।
अधिकारियों ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषण मुक्ति, सुपोषण को बढ़ावा, रेडी-टू-ईट खाद्यान्न का समय पर वितरण तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार पाण्डेय, जिला परियोजना अधिकारी ऋषि बंजारे, सेक्टर सुपरवाइजर जी.एन. कार्के, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लाकेश्वरी ध्रुव, सहायिका मानबाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


