गरियाबंद
राजस्व प्रकरणों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं—कलेक्टर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 30 अप्रैल। कलेक्टर बी.एस. उइके ने जिला कार्यालय स्थित कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार, सीमांकन सहित विभिन्न लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से समय-सीमा में निराकृत करने को कहा गया।
बैठक में अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने देवभोग के एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देकर स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर उइके ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे जनता से जुड़ा है, इसलिए सभी प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई, पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अनुविभाग एवं तहसीलवार लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सुशासन तिहार और जनगणना पर विशेष जोर
01 मई से शुरू होने वाले सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को जन-सुनवाई, सेवा वितरण और जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने को कहा। वहीं जनगणना 2027 को संवेदनशील प्रक्रिया बताते हुए डेटा की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अवैध गतिविधियों पर
सख्ती के निर्देश
भू-अर्जन, अतिक्रमण, बेदखली, अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डिजिटल अपडेट और तकनीकी कार्यों की समीक्षा
बैठक में भू-नक्शा अद्यतन, जियोरेफरेंसिंग, डिजिटल हस्ताक्षर, आधार प्रविष्टि, स्वामित्व योजना, मसाहती एवं असर्वेक्षित ग्रामों के सर्वेक्षण जैसे तकनीकी विषयों पर भी विभागवार प्रस्तुति ली गई। कलेक्टर ने पटवारियों द्वारा डिजिटल सत्यापन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जन-शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जन-समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं होगी।
बैठक में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, अपर कलेक्टर ऋ षा ठाकुर सहित जिले के सभी राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।


