गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा-राजिम, 22 अप्रैल। क्षेत्र के समस्त गौ-सेवियों द्वारा संचालित गौ सम्मान आह्वान अभियान ने इस समय एक वृहद रूप ले लिया है। इस अभियान के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष न सिफऱ् गौमाता को संवैधानिक सम्मान देने, बल्कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित गो-अर्थव्यवस्था को लागू करने का एक व्यापक खाका पेश किया गया है।
अभियान की मुख्य मांग गौमाता को राष्ट्र माता, राष्ट्र आराध्या अथवा राष्ट्र धरोहर घोषित करना है। साथ ही, पूरे भारत देश में गो-सेवा हेतु एक समान केंद्रीय कानून और गो-सेवा मंत्रालय के गठन पर जोर दिया गया है, ताकि देश में कहीं भी गौहत्या न हो सके। अभियान के अंतर्गत सरकार से अनेक महत्वपूर्ण आर्थिक और कृषि संबंधी आग्रह किए गए हैं, कृषि विश्वविद्यालयों में गोबर और गोमूत्र पर शोध हेतु अनुसंधान केंद्र बनें। सरकारी भवनों में गोबर पेंट और अस्पतालों में फिनायल की जगह गो-नाइल का उपयोग अनिवार्य हो,रासायनिक खेती को नियंत्रित कर गो-आधारित कृषि करने वाले किसानों और बैलों का उपयोग करने वाले पशुपालकों को विशेष आर्थिक सहायता मिले।
शॉपिंग मॉल्स में गो-उत्पादों के लिए अलग काउंटर अनिवार्य हों और आयुर्वेदिक अस्पतालों में पंचगव्य औषधियाँ नि:शुल्क मिलें। गांवों की आरक्षित गोचर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और गोचर विकास बोर्ड का गठन हो। साथ ही, चारे को फैक्ट्रियों में जलाने पर रोक लगाकर पशु आहार हेतु सुरक्षित किया जाए। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपेंगे।
इस अभियान के नेतृत्वकर्ता किसी व्यक्ति विशेष के बजाय समस्त गौ -प्रेमी सर्व समाज को मान रहे हैं। कार्यकारिणी ने साक्षात् गौमाता को ही अपना प्रधान संरक्षक घोषित कर इस पुनीत कार्य का संकल्प लिया है। नवापारा तहसील में इस अभियान के तहत श्री गोपाल गौशाला, नवापारा नगर के तत्वावधान में संरक्षक मनमोहन अग्रवाल,अध्यक्ष गिरधारी अग्रवाल,सचिव ,राजू काबरा,सह सचिव रूपेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष चंदू कंसारी, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल दुबे,डॉ. वर्मा,डॉ राजेंद्र गदिया,रवि शंकर साहू,रोशन साहू, बादल यादव, कमल नारायण साहू सदस्य,विवेक साहू,धर्म साहू,ज्ञान,नीता धीवर,सुश्री सरोज कंसारी आगामी 27 अप्रैल को नवापारा-राजिम के गो-प्रेमी बड़ी संख्या में एकत्र होकर तहसीलदार और कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को इन मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। जब तक गौमाता को राष्ट्र माता का सम्मान और गो-उत्पादों को अर्थव्यवस्था का आधार नहीं बनाया जाता, तब तक यह अभियान अनवरत जारी रहेगा।
तहसील प्रचार प्रमुख रूपेंद्र चंद्राकर ने कहां की गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने के लिए व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान में अधिक से अधिक संख्या में सहयोग कर उस पुनीत कार्य को सफल बनाने में समस्त गौ प्रेमी से सहयोग की अपेक्षा है।


