गरियाबंद

फोन पे, व्हाट्सऐप से वसूली, फिंगेश्वर में 260 से ज्यादा स्कूलों से अवैध वसूली के आरोप
22-Apr-2026 9:06 PM
फोन पे, व्हाट्सऐप से वसूली, फिंगेश्वर में 260 से ज्यादा स्कूलों से अवैध वसूली के आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजिम/फिंगेश्वर, 22 अप्रैल। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड में शिक्षा विभाग से जुड़ा कथित अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है, जहां परीक्षा कार्य के नाम पर विभिन्न स्कूलों से डिजिटल माध्यम से अवैध वसूली किया जा रहा है। क्कद्धशठ्ठद्गक्कद्ग ट्रांजैक्शन और ङ्खद्धड्डह्लह्य्रश्चश्च पर जारी कथित निर्देशों के वायरल स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद पूरे महकमे में हडक़ंप मच गया है।

260 से अधिक स्कूलों से रकम वसूले जाने के आरोपों ने न सिर्फ विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह मामला अब बड़े स्तर की जांच और जवाबदेही की मांग करने लगा है। सूत्रों के अनुसार, फिंगेश्वर ब्लॉक के 157 शासकीय प्राथमिक और 83 मिडिल स्कूलों से 150 से 300 रुपये तक की राशि वसूली गई। इसके अलावा निजी स्कूलों से भी अलग से रकम लेने की बात सामने आई है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

डिजिटल सबूतों ने खोली परतें

वायरल स्क्रीनशॉट्स में फोनपे ट्रांजैक्शन के जरिए भुगतान के प्रमाण, व्हाट्सऐप पर जारी कथित आदेश/सूचना और संबंधित मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों के सामने आने के बाद मामला अब केवल आरोपों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि जांच के लिए ठोस आधार बन गया है।

किसके आदेश पर हुई वसूली?

मामले के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि जब कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ, तो यह निर्देश किसने दिया? स्कूलों को फोन कर पैसे किसके कहने पर मांगे गए? जिस मोबाइल नंबर पर राशि जमा कराई गई, वह किसका है? क्या यह संगठित तरीके से की गई वसूली है?

शिक्षकों ने उठाए सवाल

शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन का कहना है कि परीक्षा और शैक्षणिक कार्यों के लिए शासन द्वारा पहले से बजट उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में अलग से राशि वसूली पूरी तरह नियमों के विरुद्ध और संदिग्ध है।

कार्रवाई की मांग तेज

मामला सामने आने के बाद शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और आम लोगों में आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि फोनपे पर जिस नंबर में राशि जमा हुई, उसकी तत्काल जांच की जाए और दोषी अधिकारी /कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग में इस तरह की घटना शिक्षा के मंदिर पर दाग है।

मामले में जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद ने साफ किया कि विभाग की ओर से पैसे लेने के लिए किसी प्रकार का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि वसूली की पुष्टि होती है, तो जांच कर संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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