गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 4 अप्रैल। गरियाबंद विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित घने जंगलों और दुर्गम क्षेत्र में बसे ग्राम आमामोरा में वर्षों बाद जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शासकीय आदिवासी छात्रावास परिसर में आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों से कुल 14 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका मौके पर ही त्वरित निराकरण कर दिया गया।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई और उन्हें लाभान्वित किया गया। साथ ही स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों की जांच एवं उपचार किया गया। बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव ने कहा कि आमामोरा क्षेत्र को जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से विकसित किया जाएगा। उन्होंने सौर ऊर्जा की क्षमता बढ़ाने, खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर जोर दिया। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं को विकसित करने की बात कही।
जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि जिला प्रशासन लगातार अति पिछड़े और संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच रहा है, जिससे अब विकास की नई उम्मीद जगी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी समस्याएं बेझिझक रखने की अपील की।
कलेक्टर बी.एस. उइके ने कहा कि नक्सल मुक्त होने के बाद प्रशासन अब सीधे ग्रामीणों तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने जर्जर आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत, सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सप्ताह में दो दिन मेडिकल टीम भेजने और राजस्व-कृषि कार्यों के लिए नियमित अमले की तैनाती की घोषणा की।
इसके साथ ही 40 लंबित वन अधिकार पट्टों के शीघ्र वितरण, सडक़ निर्माण और पेयजल व्यवस्था में तेजी लाने का आश्वासन भी दिया गया।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने ग्रामीणों से रोजगार के नए अवसर अपनाने की अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने ट्रेकिंग, टेंट हाउस और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही नशामुक्ति पर जोर देते हुए आमामोरा में पुलिस केंद्र खोलने की घोषणा की।
शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को छड़ी वितरित की गई, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 महिलाओं की गोदभराई और 2 बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। लंबे समय तक उपेक्षित रहे आमामोरा और ओढ़ क्षेत्र में इस शिविर के आयोजन से ग्रामीणों की उम्मीदें बढ़ी हैं। प्रशासन की सीधी पहुंच और त्वरित समाधान से अब क्षेत्र में विकास की नई तस्वीर उभरती नजर आ रही है।


