गरियाबंद

रावण को मारने के लिए जीवन में रामत्व जरूरी- श्रवण कुमार
18-Feb-2026 7:26 PM
रावण को मारने के लिए जीवन में रामत्व जरूरी- श्रवण कुमार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजिम, 18 फरवरी।
ग्राम पाटन के विभिन्न मानस मंचों पर तुलसी के राम मानस परिवार राजिम की टीम ने अपनी प्रेरक व्याख्यान, मौलिक गीत, छत्तीसगढ़ की लोकविधा में रचे बसे सुमधुर संगीत के दम पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरुस्कार हासिल किया। उसी तरह रवेली और औन्धी द्वितीय पुरुस्कार प्राप्त करके राजिम क्षेत्र का मान बढ़ाया है।

जमराव के पावन मंच पर हजारों की संख्या में उपस्थित संत समाज के बीच रावण वध के मार्मिक प्रसंग पर व्याख्यान देते हुए व्याख्याकार श्रवण कुमार साहू प्रखर ने कहा कि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने जिस रावण को मारा था वो पुरुषतत्व था जो भगवान के हाथों मारा गया,लेकिन आज का रावण आत्मतत्व के रूप में हर व्यक्ति के अंदर किसी न किसी रूप में विद्यमान है। इसे मारने के लिए स्वयं में रामतत्व को जागृत करना होगा। भूपेंद्र सोनकर एवं भारत लाल साहू की आवाज की जादू पूरे मंच पर छाया रहा, जिसे संगीत बद्ध करते हुए डीगेंद्र राजू ध्रुव बेंजो, अभिषेक साहू तबला, मनोज साहू नाल,यशवंत साहू पेड एवं धनेश ध्रुव मंजीरा के साथ जबरदस्त संगत करते हुए लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया।
शिक्षकों की यह टीम विगत दस वर्षों से समाज जागरण एवं छत्तीसगढ़ी लोकविधा के प्रचार प्रसार के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है जो छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ साथ महाराष्ट्र एवं ओडिशा राज्य में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं।
 


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