गरियाबंद

माघ पूर्णिमा पर त्रिवेणी संगम में उमड़े श्रद्धालु, राजिम कुंभ कल्प मेला शुरू
01-Feb-2026 7:05 PM
माघ पूर्णिमा पर त्रिवेणी संगम में उमड़े श्रद्धालु, राजिम कुंभ कल्प मेला शुरू

-लीलाराम साहू

राजिम, 1 फरवरी (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार 1 फरवरी को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक नगरी राजिम में स्थित त्रिवेणी संगम पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। पैरी, सोढूर और महानदी के पवित्र संगम में तडक़े सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान कर माघी स्नान का लाभ प्राप्त किया। इसी के साथ ऐतिहासिक राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ हुआ।

प्रदेश के कोने-कोने सहित आसपास के अंचलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सूर्योदय पूर्व संगम में डुबकी लगाकर स्वयं को धन्य किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर प्रात: काल किया गया पुन्नी स्नान विशेष पुण्यदायी माना जाता है। स्नान उपरांत श्रद्धालु सीधे श्री राजीव लोचन मंदिर एवं कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

नदी तट पर आस्था के दीप

 अनेक महिलाओं एवं युवतियों ने तीनों नदियों में स्नान के पश्चात नदी की रेत में शिवलिंग का निर्माण कर नारियल, बेलपत्र, धतूरा, दूध अर्पित कर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही नदी की धार में दीपदान कर श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। दीपदान का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण संगम क्षेत्र दीपों की पंक्तियों से आलोकित होता नजर आया।

धार्मिक स्थलों में दर्शन को उमड़ी भीड़

श्रद्धालुओं ने श्री राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के अतिरिक्त लोमश ऋषि आश्रम, राजिम भक्तिन माता मंदिर, मामा-भांचा मंदिर, राजराजेश्वर, दानदानेश्वर एवं बाबा गरीबनाथ महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

12 ज्योतिर्लिंग और पंचकोशी धाम थीम पर आधारित कुंभ

इस वर्ष राजिम कुंभ कल्प मेले का स्वरूप विशेष रूप से आकर्षक है। मेले की थीम बारह ज्योतिर्लिंग एवं पंचकोशी धाम पर आधारित रखी गई है, जो श्रद्धालुओं को भारतीय सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का भव्य अनुभव कराएगी। मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, संत समागम एवं आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। देशभर से साधु-संत, कथा वाचक और श्रद्धालु इस कुंभ कल्प में शामिल होंगे।

महाशिवरात्रि पर होगा समापन

15 दिवसीय राजिम कुंभ कल्प मेला का समापन 15 फरवरी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होगा। संत समागम का आयोजन 10 फरवरी से 15 फरवरी तक किया जाएगा। इस दौरान तीन प्रमुख पर्व स्नान 01 फरवरी माघ पूर्णिमा, 09 फरवरी जानकी जयंती, 15 फरवरी महाशिवरात्रि को किया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक व्यवस्था

मेला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, पार्किंग, ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही सुरक्षा, यातायात नियंत्रण एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

श्री राजीव लोचन भगवान का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया

माघ पूर्णिमा के दिन भगवान श्री राजीव लोचन का जन्मोत्सव भी परंपरागत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर प्रांगण में बैंड-बाजे के साथ विशेष आयोजन हुआ। पूजा-अर्चना के पश्चात नया लाल ध्वज मंदिर के कलश पर चढ़ाया गया। माघ पूर्णिमा के अवसर पर श्री राजीव लोचन मंदिर विद्युत झालरों और आकर्षक रोशनी से जगमगाता नजर आया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।


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