गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा राजिम, 21 जनवरी। बेलाहीघाट श्री लोमष ऋषि आश्रम में कल्पवास स्थल पर पार्थिव 12 ज्योतिर्लिंग का निर्माण एवं रुद्राभिषेक कर बहुत ही भक्ति भाव पूर्ण त्रिवेणी संगम में विसर्जन किया गया।
इस अवसर पर कल्पवास स्थल पर कवि काशीपुरी कुंदन की अध्यक्षता में सायं 3 बजे से 4.30 बजे तक एक कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें श्री कुंदन जी ने कल्पवास के संबंध में अपने विचार विस्तार से रखा। कवि नूतन साहू ने अपने उद्बोधन में विचार साझा किया। उड़ीसा से आए हुए मिताई राम ने उडिय़ा और संस्कृत भागवत के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. रमाकांत शर्मा ने नवधा भक्ति पर संक्षिप्त उद्बोधन दिया एवं बताया कि इन नौ में से एक भी साधन हम अपना लेते हैं,तो भक्ति की प्राप्ति निश्चित होगी। प्रहलाद गंधर्व ने रामायण और रामचरितमानस, वाल्मीकि और तुलसीकृत रामचरितमानस में अंतर एवं उनमें जो राम का वर्णन है,उस पर प्रकाश डाला।
डॉ.पन्नालाल वशिष्ठ, गोवर्धन, शत्रुघ्न, महेंद्र और फिरत राम ने सभी प्रकार की समस्याओं का हल तीन दिवसीय मानस अनुष्ठान से होने की बात की। यह आयोजन संभवत 22 ,23 ,24 जनवरी को कल्पवास में संपन्न होगा। उपस्थित श्रोताओं में रमेश साहू, जीवन सेन,अगासा बाई,रतियन बाई, सीता बाई,वेदु राम,बालू राम,एवं बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे।


