गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सडक़ विकास अभिकरण, जिला गरियाबंद अंतर्गत विकासखंड देवभोग में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत निर्मित सडक़ पर आवश्यक पैच मरम्मत एवं संधारण कार्य किया जा रहा है।
कार्यालय कार्यपालन अभियंता, परियोजना क्रियान्वयन इकाई गरियाबंद से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2023-24 में स्वीकृत धु्रवापारा से उड़ीसा सीमा तक 2.30 किलोमीटर लंबाई की सडक़ का निर्माण कार्य दिनांक 30 अप्रैल 2024 को पूर्ण किया गया था। उक्त सडक़ वर्तमान में तीन वर्ष की संधारण अवधि में सम्मिलित है।
कार्यपालन अभियंता ने बताया कि यह सडक़ मुख्य मार्ग अमलीपदर (एमडीआर) से जुड़ी हुई है।
सडक़ निर्माण के उपरांत ओडिशा सीमा से लगे क्षेत्रों में गिट्टी क्रशर एवं मक्का के उत्पादन अत्यधिक होने के कारण 40-50 टन से अधिक भार वाहन क्षमता के माल वाहनों का परिचालन में वृद्धि होने के कारण अधिक भार क्षमता वाले भारी माल वाहनों का आवागमन लगातार हो रहा है। इस कारण कुछ स्थानों पर सडक़ की सतह प्रभावित हुई है।
पीएम ग्राम सडक़ योजना अंतर्गत 12 टन भार वाहन के आवागमन की क्षमता होती है। सडक़ की बेहतर स्थिति बनाए रखने के उद्देश्य से विभाग द्वारा प्रभावित स्थलों पर बीटी पैच रिपेयर एवं आवश्यक संधारण कार्य कराया जा रहा है। साथ ही भारी वाहनों के अनियंत्रित आवागमन को रोकने हेतु सडक़ पर भारी वाहन निषेध बोर्ड पूर्व से स्थापित किए गए हैं।
विभाग द्वारा यह भी बताया गया कि धुवापारा से ओडिशा सीमा होते हुए मुख्य मार्ग अमलीपदर तक भारी वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण हेतु आवश्यक कार्यवाही के लिए ई-ऑफिस के माध्यम से संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया है। विभाग द्वारा सडक़ की गुणवत्ता एवं यातायात सुविधा बनाए रखने के लिए नियमित रूप से निगरानी एवं आवश्यक सुधार कार्य किए जा रहे हैं।


