गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजिम, 6 जनवरी। राजिम भक्तिन माता जयंती के पावन अवसर पर 7 जनवरी को राजिम में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ का विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन को सामाजिक एकता और समरसता के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है। सोमवार को राजिम रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू एवं क्षेत्रिय विधायक रोहित साहू ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ साहू संघ की उपाध्यक्ष साधना साहू, गरियाबंद जिला साहू समाज के अध्यक्ष प्रवीण साहू, राजिम भक्तिन माता समिति के अध्यक्ष लाला साहू, डॉ. सुनील साहू, प्रदीप साहू, चंद्रवती साहू सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
डॉ. नीरेन्द्र साहू ने कहा कि राजिम धाम की अधिष्ठात्री देवी राजिम भक्तिन माता की जयंती प्रतिवर्ष 7 जनवरी को छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ द्वारा पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि यह हमारे समाज के लिए गौरव का विषय है कि भक्तिन माता का असीम स्नेह साहू समाज को प्राप्त हुआ। इस वर्ष प्रदेश के 496 परिक्षेत्रों, 196 तहसीलों और 33 जिला मुख्यालयों से हजारों की संख्या में साहू समाज सहित सभी वर्गों के लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उन्होंने राजिम के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नगरी भगवान विष्णु की नगरी है और भगवान श्री राजीव लोचन का यह धाम अनन्य भक्ति का केंद्र है। 12वीं शताब्दी में तैलिक कल्याणी राजिम माता ने ईश्वर-दर्शन को सभी जाति-धर्म के लोगों के लिए सुलभ कराया, जिसकी परंपरा आज भी जीवंत है।
डॉ. साहू ने बताया कि इस भव्य सामाजिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू करेंगे। केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और उपमुख्यमंत्री अरुण साव प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा अनेक विधायक, पूर्व मंत्री और समाज के गणमान्यजन मंचस्थ रहेंगे। आयोजन में हजारों लोगों के लिए विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई है।
अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू ने संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश साहू संघ, छत्तीसगढ़ अंचल के सामाजिक विभूतियों की जयंती आयोजित कर, अपने सामाजिक लोगों का शैक्षणिक, ज्ञान विज्ञान तथा आध्यात्मिक स्तर को ऊंचा उठाते हुए, चरित्रवान, निष्ठावान व देशभक्त नागरिकों का निर्माण, उनके आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक व नैतिक हितो की रक्षा करना, सामाजिक रूढ़ीवादी कुरीतियों को दूर कर खर्चीली न्याय व्यवस्था से बचाते हुए सामाजिक स्तर पर विवादों का समाधान तथा समाज को एकता के सूत्र में आबद्ध करते हुए छत्तीसगढ़ के अन्य सामाजिक संगठनों से मिलकर प्रदेश के विकास एवं राष्ट्रीयता की मुख्यधारा से जुडऩे के लिए उत्साहित है।
अंत में डॉ. नीरेन्द्र साहू ने प्रदेशभर के स्वजातीय बंधुओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में राजिम पहुंचकर सामाजिक एकता, सेवा और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत करें।


