गरियाबंद
फ्रांस की एमिली आनंद ने सराहा
गरियाबंद, 8 दिसंबर। राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ की रजत जयंती के अवसर पर फ्रांस की एमिली आनंद (एंडोस फूड्स इंडिया प्रा. लि.) एवं फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर सत्यजीत जैना ने गरियाबंद जिले के पीवीटीजी वन धन विकास केंद्र केशोडार का विशेष भ्रमण किया। दोनों अतिथियों ने केंद्र को गतिविधियों, उत्पादों की गुणवत्ता एवं कमार जनजाति की महिलाओं की मेहनत की प्रशंसा की।
प्रबंध संचालक जिला यूनियन गरियाबंद श्री शशिगानंदन के निर्देशन में संचालित इस केंद्र में भ्रमण के दौरान उपमंडलाधिकारी राकेश चौबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ 44 प्रतिशत वनाच्छादित राज्य है और 67 प्रकार के लघु वनोपज पर एमएसपी एवं एसपी देकर देश में प्रथम स्थान पर है। अतिथियों ने हाईटेक नर्सरी का भी अवलोकन किया।
उप प्रबंध संचालक श्री श्रीवास्तव ने पीएम-जनमन योजना को विस्तार से जानकारी दी। यह योजना विशेष पिछड़ों जनजातियों (पीवीटीजी) को आवास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सडक़, दूरसंचार एवं स्थायी आजीविका से जोडऩे के लिए शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ में कमार, बैगा, अबूझमाडिय़ा, बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा 5 पीवीटीजी हैं।
जनवरी 2024 में योजना के तहत राज्य में 16 पीवीटीजी धन धन विकास केंद्र स्थापित किए गए, जिनमें केशोडार केंद्र कमार जनजाति के लिए विशेष रूप से काम कर रहा है। केद्र की प्रभारी डॉ. गरिमा जायसवाल (एएमओ) ने बताया कि यहां 21 प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां तैयार की जा रही हैं। 2024 में केंद्र के समूह सदस्य राष्ट्रपति भवन में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित हुए थे। वर्ष 2021 में ट्रायफेड नई दिल्ली द्वारा सर्वाधिक बिक्री के लिए राज्य में प्रथम पुरस्कार भी मिल चुका है। सीनियर एक्जीक्यूटिव ने बताया कि वर्ष 2024 में आयुष विभाग से शतावरी चूर्ण का 54 लाख रुपये एवं महाविषगर्भ तेल का बड़ा ऑर्डर सफलतापूर्वक पूरा किया गया। वर्तमान में पुन: 7 लाख रुपये का ऑर्डर प्रास हो चुका है। सभी उत्पाद एनडब्ल्यूएफपी मार्ट एवं संजीवनी आउटलेट के माध्यम से बेचे जा रहे हैं। फांसीसी प्रतिनिधि एमिली आनंद एवं श्री सत्यजीत जैना ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर उनकी आय में हुई वृद्धि एवं आत्मविश्वास पर प्रसन्नता जताई। दोनों ने इसे जंगल से बाजार तक की सफल यात्रा बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की संभावना जताई।
भ्रमण के दौरान सहायक प्रबंधक पूजा साहू, तकनीकी सीनियर एवं केंद्र का पूरा समूह उपस्थित रहा।


