गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजिम, 30 नवंबर। केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा बिहार के बाद वर्तमान में छत्तीसगढ़ सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य किया जा रहा है, जिसका विपक्षी दलों द्वारा प्रारंभ से ही विरोध किया जा रहा है।
इस पर पूर्व सांसद व छग स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष चंदूलाल साहू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एसआईआर का विरोध मतलब देश के वैध नागरिकों के अधिकारों का हनन करना है। देश के साधन व संसाधन पर सिर्फ और सिर्फ देश के वैध नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। यह सच्चाई जानते हुए भी विपक्षी दल, केवल अपने वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को बचाने के उद्देश्य से, एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। इससे उनका वोट बैंक तो बच जाएगा,लेकिन देश के साधन और संसाधन पर देश के वैध नागरिकों का हक छिन जाएगा क्योंकि उस पर घुसपैठिए भी अपना हक जताएंगे। इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने में वैध नागरिकों को देरी का सामना करना पड़ेगा या फिर वंचित रहना पड़ेगा क्योंकि इससे प्राथमिकता वाले हितग्राहियों की संख्या काफी बढ़ जाएगी।
श्री साहू ने कहा कि देश में होने वाले किसी भी स्तर के चुनाव को लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है।देश के वैध नागरिकों को चुनाव में मतदान करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। लेकिन पिछले कई वर्षों से विपक्षी पार्टियों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में अपनी सरकार के दौरान म्यांमार और बांग्लादेश से धर्म विशेष के लोगों की घुसपैठ कराकर उन्हें बसाने का काम किया गया है और जिससे देश की डेमोग्राफी भी तेजी से बदल रही है। ऐसे राज्यों में वास्तविक निवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ या तो नहीं मिल रहा है या फिर काफी देर से मिल रहा है ।
उन्होंने कहा कि संबंधित राज्यों की मतदाता सूचियों में वर्षों पहले मृत हो चुके और अन्य राज्यों में पलायन कर चुके लोगों के नाम यथावत बने हुए हैं, जिनके स्थान पर घुसपैठियों से मतदान करवाकर विपक्षी दल सत्ता में काबिज होते आए हैं। इस सच्चाई को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव की संवैधानिक परंपरा को कायम रखने के लिए एसआईआर के माध्यम से ऐसे मृत व अन्य राज्य पलायन कर चुके मतदाताओं की छंटनी कर, मतदाता सूची का एक तरह से शुद्धिकरण कर रहा है, जिसे उच्चतम न्यायालय भी सही और संवैधानिक ठहरा चुका है । लेकिन इसके बाद भी विपक्षी दलों द्वारा देश की जनता में विभिन्न भ्रम फैलाकर एसआईआर का विरोध करने के लिए उकसाने का दुष्प्रयास किया जा रहा है, जिससे देश में बांग्लादेश और नेपाल जैसी अराजक स्थिति निर्मित करवाकर वहां की तरह भारत में भी तख्तापलट करवाया जा सके।
श्री साहू ने अंत में कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को विपक्षी दलों की इस चाल को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है क्योंकि ऐसा करना खुद देशवासियों के हक और हित में है । अन्यथा वह दिन दूर नहीं रहेगा,जब देश के नागरिक अपने ही देश में शरणार्थी बनकर रह जाएंगे या फिर उन्हें अन्य देशों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ेगा।


