गरियाबंद

फंड की कमी पर सरपंचों का प्रदर्शन, रैली निकाल मांगों का ज्ञापन सौंपा
29-Nov-2025 4:08 PM
फंड की कमी पर सरपंचों का प्रदर्शन,  रैली निकाल मांगों का ज्ञापन सौंपा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

गरियाबंद, 29 नवंबर। जिले की ग्राम पंचायतों में पिछले नौ महीनों से फंड नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए 334 ग्राम पंचायतों के सरपंच और पंच शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित कमार विश्राम गृह में एकत्र हुए। उन्होंने पंचायतों के लिए निर्धारित राशि जारी न होने पर नाराजगी व्यक्त की।

इसके बाद पांचों जनपद—गरियाबंद के अध्यक्ष कोमल देव ध्रुव, छुरा के अध्यक्ष पन्नालाल ध्रुव, देवभोग के अध्यक्ष पवन यादव, मैनपुर के अध्यक्ष हलमन धुर्वा और फिंगेश्वर के अध्यक्ष हरीश साहू की अगुवाई में रैली निकाली गई, जो संयुक्त जिला कार्यालय तक पहुंची।

 कलेक्ट्रेट गेट बंद होने के कारण नेशनल हाईवे 130 सी पर अस्थायी रूप से जाम जैसी स्थिति बन गई। सरपंच संघ ने नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

गरियाबंद जिला सरपंच संघ ने अपनी तीन प्रमुख मांगें इस प्रकार रखी— 15वें वित्त आयोग की राशि और मूलभूत मद की राशि जल्द जारी की जाए,  20 लाख तक के कार्य ग्राम पंचायतों को एजेंसी के रूप में दिए जाएं और ठेकदारी प्रणाली समाप्त की जाए,  सरपंचों का मानदेय 10,000 रुपये और पंचों का 2,500 रुपये किया जाए।

सरपंचों का कहना है कि फंड न मिलने से विकास कार्य प्रभावित हैं और कई आवश्यक कार्य लंबित हैं। उन्होंने कहा कि पानी की व्यवस्था, सडक़ मरम्मत, नाली सफाई और अन्य स्थानीय जरूरतों से जुड़े कार्य संसाधनों के अभाव में रुके हुए हैं।

प्रदर्शन में शामिल सरपंच पन्नालाल ध्रुव ने कहा कि ठेकदारी व्यवस्था लागू होने से पंचायतों की स्वायत्तता प्रभावित हुई है और योजनाएँ प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने मानदेय को अपर्याप्त बताया और कहा कि इससे सरपंचों को कठिनाइयाँ होती हैं।

फिंगेश्वर सरपंच संघ के अध्यक्ष हरीश साहू ने भी कहा कि फंड जारी न होने से मूलभूत कार्य अधूरे हैं और ठेकदारी प्रणाली के कारण पंचायतों की भूमिका सीमित हो गई है। उन्होंने मानदेय बढ़ाने की आवश्यकता जताई। सरपंच संघ ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आगे आंदोलन तेज किया जाएगा।


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