दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 23 फरवरी। ऑयल पाम क्षेत्र विस्तार के लिए शासन लगातार जोर दे रहा हैं। इसके तहत आयल पाम की खेती के लिए किसानों अब राज्य शासन प्रति हेक्टेयर 69 हजार 620 रुपए तक का अधिकतम टापअप अनुदान देगा। इसे मिलाकर अब आयल पाम की खेती के लिए शासन द्वारा प्रति हेक्टेयर कुल 4 लाख 13 हजार 654 रुपए तक अनुदान दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार पूर्व में आयल पाम की खेती के लिए शासन द्वारा नेशनल मिशन आन एडीबल आयल पाम अंतर्गत प्रति हेक्टेयर कुल 3 लाख 44 हजार 34 रुपए तक अनुदान दिया जाता था। इसमें पौधरोपण सामाग्री पर 29000, आयल पाम खेती के लिए गड्ढा करने पौधरोपण कार्य, खाद व रख रखाव हेतु 5250, अंत: फसल 5250, ड्रीप संयंत्र स्थापना (लघु व सीमांत किसान) 17269, ट्पक सिंचाई 14130, पंप सेट (अजा, अजजा, लघु, सीमांत व महिला 27000, अन्य कृषक को 22500, जल संसाधन स्रोतों की स्थापना 150000, वर्मी कंपोस्ट यूनिट के लिए 15000 एवं आयल पाम फार्म में बोर वेल हेतु 50000 रुपए दिए जाते हैं।
उप संचालक उदयानिकी नारायण लाउतरे के अनुसार अब राज्य शासन आयल पाम खेती के लिए गड्ढा करने पौधरोपण कार्य, खाद व रख रखाव हेतु 1500, अंत: फसल 5000 ,8635 ड्रीप संयंत्र स्थापना (लघु व सीमांत कृषक) एवं फेंसिंग के लिए प्रति हेक्टेयर 54485 रुपए टापअप अनुदान देगा। जिले में वर्तमान में किसानों द्वारा 110.71 हेक्टेयर मे आयल पाम की खेती की जा रही है। इनमें सबसे ज्यादा धमधा क्षेत्र में किसान 65.73 हेक्टेयर में आयल पाम की खेती कर रहे हैं। इसी प्रकार दुर्ग16.43 एवं पाटन विकासखंड में 28.55 हेक्टेयर में आयल पाम की खेती हो रही है।


