दुर्ग
दुर्ग, 9 जनवरी। ग्रामीण बैंक से ऋण लेने के बाद आरोपी द्वारा भुगतान के रूप में दिया गया चेक अनादरित हो गया। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक शाखा नगपुरा द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को रजिस्टर्ड डाक द्वारा सूचना प्रेषित की गई, परंतु आरोपी ने कोई भुगतान नहीं किया।
इस मामले में न्यायालय ने आरोपी लोकेश कुमार विश्वकर्मा निवासी ग्राम खुरसुल जिला दुर्ग को सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग अंजली सिंह की कोर्ट ने आरोपी को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत 3 माह के साधारण कारावास एवं प्रतिकर राशि भुगतान करने का आदेश दिया है। परिवादी बैंक की ओर से अधिवक्ता शफीक खान ने पैरवी की थी। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक शाखा नगपुरा जिला दुर्ग से आरोपी ने 29 जनवरी 2018 को 25 हजार रुपए मुद्रा ऋण प्राप्त किया था। जिसके एवज में आरोपी ने आवेदन, जमानत नामा, प्रतिज्ञा पत्र सहित अन्य दस्तावेज परिवादी बैंक में जमा किए थे। बकाया भुगतान करने के लिए परिवादी बैंक को आरोपी ने स्वयं का हस्ताक्षर युक्त चेक राशि 27,370 रुपए का 19 नवंबर 2018 को दिया था। जब परिवादी ने उक्त चेक को बैंक में जमा किया तब खाता में अपर्याप्त राशि होने के कारण चेक अनादरित हो गया था।


