दुर्ग

पीएम-आशा योजना के तहत दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी शुरू
10-Jan-2026 5:18 PM
पीएम-आशा योजना के तहत दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी शुरू

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 10 जनवरी।
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पीएम-आशा योजना) के तहत् दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी प्रारंभ हो गई है। इसके तहत जिले में पहली बार खरीफ सोयाबीन की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी सोयाबीन सहित अन्य दलहनी तिलहनी फसलों की खरीदी के जिले में सात उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। गिरदावरी रिपोर्ट के मुताबिक 1719 हेक्टेयर में जिले के किसानों ने  सोयाबीन का क्षेत्राच्छादन लिए हैं ।

जानकारी के मुताबिक समर्थन मूल्य पर सोयाबीन फसल विक्रय के लिए अब तक जिले में ई संयुक्ति पोर्टल पर 3 कृषकों ने 1.54 टेक्टेयर का पंजीयन कराए है पंजीयन की प्रक्रिया अभी भी जारी है। सोयाबीन फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया, जबकि बाजार में किसानों को इससे बहुत कम कीमत मिल पाता है। पंजीकृत किसान अपने सोयाबीन के उपज का समर्थन मूल्य पर विक्रय इसके लिए निर्धारित उपार्जन केन्द्रों में 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक कर सकते।

दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी के लिए जिले में 7 उपार्जन केन्द्र अधिसूचित किए गए है। इनमें सेवा सहकारी समिति चंदखुरी विकासखण्ड दुर्ग, सेवा सहकारी समिति पाटन विकासखण्ड पाटन एवं विकासखण्ड धमधा अंतर्गत सेवा सहकारी समिति धमधा, सेवा सहकारी समिति अहिवारा, सेवा सहकारी समिति लिटिया, सेवा सहकारी समिति कन्हारपुरी एवं सेवा सहकारी समिति घोठा शामिल है।

उप संचालक कृषि  संदीप भोई ने बताया कि शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार खरीफ दलहन-तिलहन फसल (सोयाबीन, मूंगफली, उड़द, मूंग ) की खरीदी का कार्य 24 अप्रैल 2026 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य में किया जाएगा। इनमेंसोयाबीन की खरीदी 28 फरवरी तक की जाएगी  सोयाबीन फसल हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। इसी प्रकार मूंगफली हेतु 7263 , उड़द  7800  एवं मूंग फसल 8768 रूपए प्रति क्विंटल दर निर्धारित है।  सोयाबीन फसल 5 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदा जाएगा। वहीं मूंगफली 7 क्विंटल, उड़द एवं मूंग 3 क्विंटल प्रति एकड़ अधिकतम क्रय सीमा निर्धारित की गई। उन्होंने सभी दलहल-तिलहन उत्पादक कृषकों से अपील की है कि योजना अंतर्गत अधिसूचित खरीफ फसलों के उपार्जन हेतु समय सीमा में बीज उपार्जन हेतु संबंधित उपार्जन केन्द्रों से संपर्क कर सकते हैं।


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