दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 10 जनवरी। ग्राम पीसेगांव में सात दिवसीय श्रीराम कथा और पांच कुंडीय गायत्री नवग्रह शांति महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन 108 कलशों के साथ एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें युग आवाहन के गीत और श्री राम के जयकारों से गांव गूंज उठा। इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए, जिन्होंने पीले वस्त्र धारण कर कलश को सिर पर धारण किया और यात्रा में भाग लिया।
इस तरह के आयोजन से गांव में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बनता है, और लोगों को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर मिलता है। कलश यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें महिलाएं और पुरुष एकत्रित होकर कलशों को सिर पर धारण कर यात्रा करते हैं। यह यात्रा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है।
श्री राम कथा के कथा वाचक पंडित सुरेश कुमार दनि ने बताया कि कलश यात्रा से महत्वपूर्ण लाभ होते हैं जैसे कि आध्यात्मिक शुद्धि कलश यात्रा में भाग लेने से व्यक्ति का मन और आत्मा शुद्ध होता है। सामाजिक एकता यह आयोजन लोगों को एक साथ लाता है और सामाजिक एकता को बढ़ावा देता है।
प्राकृतिक संतुलन कलश यात्रा में जल और अन्य प्राकृतिक तत्वों का उपयोग किया जाता है, जो प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। शक्ति और ऊर्जा कलश यात्रा में भाग लेने से व्यक्ति को शक्ति और ऊर्जा की प्राप्ति होती है। कलश यात्रा से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 तक श्रीराम कथा का आयोजन होगा जिसमें 12 जनवरी को विशेष कार्यक्रम के तहत दीप महायज्ञ शाम 5 बजे से 7 बजे तक किया जाएगा। और 14 जनवरी को गायत्री महायज्ञ पूर्णाहुति व श्रीराम कथा का समापन 1 बजे तक किया जाएगा।


