दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 15 दिसंबर। जिला न्यायालय एवं तहसील व्यवहार न्यायालय में वर्ष 2025 की चतुर्थ एवं अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसके तहत जिला न्यायालय दुर्ग, कुटुम्ब न्यायालय, दुर्ग, व्यवहार न्यायालय भिलाई-3 व्यवहार न्यायालय पाटन एवं व्यवहार न्यायालय धमधा, तथा किशोर न्याय बोर्ड, श्रम न्यायालय, स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएँ) दुर्ग, राजस्व न्यायालय एवं उपभोक्ता फोरम में नेशनल लोक अदालत आयोजित की गयी।
प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा न्यायिक भातृत्व की भावना को प्रमुखता देते हुए सजल जैन, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी दुर्ग द्वारा नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवल कराते हुए प्रात: 10.30 बजे किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अलावा जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग के सचिव रविशंकर सिंह एवं अन्य पदाधिकारीगण, न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण तथा विभिन्न बैंक के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत में कुल 32 खण्डपीठ का गठन किया गया। परिवार न्यायालय दुर्ग हेतु 3 खण्डपीठ, जिला न्यायालय दुर्ग हेतु 23, तहसील व्यवहार न्यायालय भिलाई-3 में 1 खण्डपीठ, तहसील व्यवहार न्यायालय पाटन हेतु 2 खण्डपीठ, तहसील व्यवहार न्यायालय धमधा में 1 खण्डपीठ, किशोर न्याय बोर्ड हेतु 1 तथा स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं) दुर्ग के लिए 1 खण्डपीठ का गठन किया गया। इसके अतिरिक्त राजस्व न्यायालय में भी प्रकरण का निराकरण हेतु खण्डपीठ का गठन किया गया था। उक्त नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य दाण्डिक, सिविल, परिवार, मोटर दुर्घटना दावा, से संबंधित प्रकरण रखे गये तथा उनका निराकरण न्यायालय में सौहार्दपूर्ण तरीके से समझौते के आधार पर किया गया। इसके अलावा बैकिंग / वित्तीय संस्था, विद्युत एवं दूरसंचार से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरणों (विवाद पूर्व प्रकरण) का निराकरण भी किया गया।
जिला न्यायालय परिसर दुर्ग में आने वाले पक्षकारों के स्वास्थ्य जाँच / परीक्षण हेतु एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। उक्त विभाग / कार्यालय की ओर से डॉ. मोनिका मरकाम, चिकित्सा अधिकारी, एवं अन्य सहायक कर्मचारियों द्वारा सेवाऐं प्रदान की गयी।
स्वास्थ्य जाँच शिविर में अन्य न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं बड़ी संख्या में आमजनों के द्वारा अपने स्वास्थ्य की जांच / परीक्षण कराया गया और बहुतायत संख्या में लोग लाभान्वित हुए हैं। वर्ष 2025 के चतुर्थ व अंतिम नेशनल लोक अदालत में कुल 21610 न्यायालयीन प्रकरण तथा कुल 982276 प्री-लिटिगेशन प्रकरण निराकृत हुए जिनमें कुल समझौता राशि 572225744 /- रूपये रहा। इनमें बैंक के प्रीलिटिगेशन के कुल 18, विद्युत के कुल 281 एवं दूरभाष के 83 मामले निराकृत हुए जिनमें कुल समझौता राशि लगभग 4138480/- रही है। इसी क्रम में लंबित निराकृत हुए प्रकरण में 492 दाण्डिक प्रकरण, क्लेम के 75 प्रकरण, पारिवारिक मामलें के 163 चेक अनादरण के 296 मामलें, व्यवहार वाद के 53 मामलें, श्रम न्यायालय के कुल 08 मामलें तथा स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएँ) दुर्ग के कुल 7789 मामलें निराकृत हुए।


