दुर्ग
29 से 31 तक सामूहिक अवकाश लेकर रैली व धरने में होंगे शामिल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 14 दिसंबर। अधिकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर जिला स्तरीय कलम बंद काम बंद आंदोलन करेंगे 29 से 31 दिसंबर तक चलने वाले इस आंदोलन के दौरान कर्म चारी अधिकारी सामूहिक अवकाश लेकर रैली व धरने में शामिल होंगे। उक्त आंदोलन को लेकर आज छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की संभाग स्तरीय बैठक संगठन के प्रांताध्यक्ष कमल वर्मा की अध्यक्षता में हुई इसमें आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई गई।
उन्होंने बताया कि छतीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा डीए, वेतन विसंगति, कैशलेस उपचार सुविधा सहित 11 सूत्रीय लंबित मांगों के समाधान हेतु मोदी की गारंटी लागू करो अभियान के अंतर्गत तृतीय चरण जिला स्तरीय कलम बंद, काम बंद आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। शासन द्वारा कर्मचारियों से किए गए वादों की अनदेखी के विरोध में यह संघर्ष अब निर्णायक चरण में पहुँच चुका है। सभी कर्मचारी, अधिकारी एकजुट होकर अपने अधिकारों व सम्मान हेतु संघर्षरत हैं।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन में अधिकतम सहभागिता के लिए सभी पदाधिकारी, सदस्य एवं कर्मचारी-अधिकारी सामूहिक अवकाश लेकर 29 से 31 दिसंबर को जिले में आयोजित रैली एवं धरने में शामिल होने अपील की है एवं सामूहिक अवकाश आवेदन अभियान सामूहिक अवकाश आवेदन भरवाने हेतु विशेष अभियान चलाएँ। बैठक में शासकीय अधिकारी कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे।
अधिकारी कर्मचारियों ने मांग किया कि केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता लागू किया जाए। डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए। सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान मिले। लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया हो।
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दे एवं पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए। सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए। नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दी जाए। अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए। प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू हो। अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए। दैनिक, अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने। सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाये।


