दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 10 दिसंबर। किशोरी को बहला फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले जाने के बाद उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने वाले आरोपी को कोर्ट ने सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ एफटीसी अनिष दुबे की कोर्ट ने आरोपी समीर अंसारी उर्फ अरमान को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास,1000 रुपए अर्थ दंड तथा अर्थदंड न दे पाने पर 1 वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास, धारा 366 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रूप वर्षा दिल्लीवार ने पैरवी की थी।
थाना पुरानी भिलाई निवासी प्रार्थी ने 10 मई 2024 को थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी दो लडक़ी व एक लडक़ा है। उसकी छोटी बेटी 15 वर्ष की है। 8 मई की रात को खाना खाने के बाद पूरा परिवार सो गया था। दूसरे दिन सुबह जब वह उठकर देखा तो उसकी छोटी बेटी घर पर नहीं थी। आसपास पता तलाश करने के बाद जब उसकी लडक़ी का कुछ पता नहीं चला तब प्रार्थी ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि कोई उसकी छोटी लडक़ी को बहला फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई थी।
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी किशोरी को अपने साथ भगाकर अहमदनगर महाराष्ट्र ले गया है। इस पर पुलिस की टीम अहमदनगर पहुंची और 24 मई को सीडब्लूसी टीम के सामने आरोपी के कब्जे से किशोरी को बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी किशोरी को अपने साथ बहला फुसला कर शादी का प्रलोभन लेकर भाग ले गया था और उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाया था।


