दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 8 दिसंबर। दुर्ग छत्तीसगढ़ की जैन तप साधिका किरण देवी संचेती के 113 उपवास के सम्मान में जय आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तालाब दुर्ग में साध्वी मुमुक्षा श्रीजी साध्वी श्रद्धा श्रीजी साध्वी कीर्ति श्रीजी के सानिध्य में तप अनुमोदना एवं 1 सामायिक की साधना करने जैन समाज के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र की स्तुति करते हुए उग्र तपस्वी किरण देवी संचेती की। अनुमोदना की श्रमण संघ महिला मंडल एवं समरथ महिला मंडल ने भक्ति गीतों से अभिनंदन किया।
साध्वी श्रीमुमुक्षा ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए छोटे-छोटे उदाहरणों से धर्म से जोडऩे की प्रेरणा दी। हम इतनी बड़ी तपस्या तो नहीं कर सकते पर छोटे-छोटे त्याग से अपने इस मानव जीवन को सफल जरूर बना सकते हैं। साध्वी ने कहा किरण देवी संचेती की तपस्या के उपलक्ष में 1111 साधकों ने छोटे-छोटे व्रत संकल्प लेकर इस साधना में अपना नाम लिखवाया। बांधा तालाब परिसर में तप साधिका किरण देवी संचेती को पालकी में बैठाकर प्रवचन सभा में लाया गया जहां उनका अनुमोदन अभिनंदन का कार्यक्रम हुआ। ध्यान योगी आचार्य सम्राट शिव मुनि महाराज ने अपना मंगल संदेश भेज कर साधिका का कुशलक्षेम पूछा और तब मार्ग में आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी। युवाचार्य भगवत महेंद्र ऋषि महाराज ने मुंबई से मंगल संदेश भेजा। जिसमें किरण देवी संचेती को तप रत्नेश्वरी की उपाधि से अलंकृत किया। सभा का संचालन टीकम छाजेड़ एवं राकेश संचेती ने किया।


