दुर्ग

गाइडलाइन व मुआवजा की स्थिति स्पष्ट नहीं, किसानों ने सर्वे रूकवाया
06-Dec-2025 3:46 PM
गाइडलाइन व मुआवजा की स्थिति स्पष्ट नहीं, किसानों ने सर्वे रूकवाया

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दुर्ग, 6 दिसंबर। रेलवे परियोजना जमीन अधिग्रहण के पहले नए गाइडलाइन व मुआवजा की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर करगाडीह व पुरई के बाद अब ग्राम पाऊवारा के किसानों ने भी सर्वे कार्य रोक दिया है।

उन्होंने पहले मुआवजा को लेकर स्थिति स्पष्ट करने मांग की। ग्राम की सरपंच ने भी किसानों की इन मांगों का समर्थन किया। जानकारी के अनुसार जब रेल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए पटवारी व रेलवे के अधिकारी सर्वे करने ग्राम पाऊवारा पहुंचे तो वहां के किसानों ने भी वही मुख्य मांगें रखी जो ग्राम करगाडीह, पुरई के किसानों ने रखी थी। किसानों ने मांग की है कि जब तक नए गाइडलाइन रेट (2025-2026) की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती और पुराने ज्ञापनों का लिखित जवाब या स्पष्टीकरण नहीं आ जाता, तब तक सर्वे प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोका जाए।

 

उन्होंने कहा कि रेलवे के लिए जमीन अधिग्रहण में भी वर्गमीटर में मूल्यांकन हो, जैसा कि भारतमाला परियोजना में हुआ था। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा कलेक्टर, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री सचिवालय आदि को दिए गए ज्ञापनों पर लिखित जवाब आने तक सर्वे रोकना आवश्यक है। ग्राम पाऊवारा की सरपंच  मीना यादव ने गांव वालों की मांग का समर्थन करते हुए उनके निवेदन पर किसी भी सरकारी कागज पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि गांव वालों और कृषकों की मर्जी के बिना खेत में किसी भी प्रकार से कोई भी न जाए।

गांव वालों ने कहा कि पटवारी और रेलवे अधिकारियों के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी का अनुपस्थित रहना कार्य आदेश का सीधा उल्लंघन है। किसानों और सरपंच ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक किसानों की मांगे स्पष्ट नहीं होंगी, तब तक किसी भी तरह का सर्वे कार्य नहीं होगा। इस दौरान सरपंच मीना यादव किसान धर्मेंद्र साहू, इंद्रजीत साहू, गोपेश साहू, जीवन लाल, मुकेश हिरवानी, कुलेश्वर साहू, नेतराम साहू, मनोहर मंडल, नेमीचंद साहू एवं अन्य किसान मौजूद थे।


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