दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 4 फरवरी । दुर्ग से डोंगरगढ़ ब्याही गई युवती को शादी के एक साल के भीतर ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। कोरोना से संक्रमित ससुराल वालों की सेवा करते जब वह स्वयं संक्रमित हो गई तो पति ने उसके इलाज से मना करते हुए मायके भेज दिया था। लगातार प्रताडऩा से तंग ब्याहता की शिकायत और काउंसलिंग बाद महिला पुलिस ने पति बलराम साहू, सास पन्ना साहू, ससुर कृष्णा साहू, ननद ममता साहू और नंदोई छगन साहू के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।
महिला थाना निरीक्षक सी. तिर्की ने बताया कि गिरधारी नगर दुर्ग में ससुराल की प्रताडऩा से तंग हो पिछले 4 माह से माता-पिता के घर रह रही 32 वर्षीय नेहा साहू का 19 फरवरी 2021 को मुसरा ग्राम डोंगरगढ़ निवासी बलराम साहू के साथ हुआ था। ससुराल पक्ष ने परिवार में नेहा से इकलौती लडक़ी होने से ज्यादा दहेज मिलने की लालच विवाह किया, जबकि बलराम का संबंध दूसरी महिला से भी था।
15 दिनों के बाद पति, सास, ससुर, ननद, नंदोई के व्यवहार में परिवर्तन आने लगा तथा वो लोग नेहा के हर कार्य में बुराई निकालते हुये सामान एवं रूपये न लाने का ताना देने लगे। कोरोनाकाल में पति व ससुराल वाले कोरोना से पीडि़त हो गये, तब नेहा ने उनकी देखभाल की और जब वह खुद संक्रमित हो गई तो ससुराल पक्ष ने इलाज हेतु उसे मायके दुर्ग छोड़ दिया। जब वापस लेने नहीं आए तो नेहा के भाई ने उसे ससुराल पहुँचाया। इस दौरान बलराम दूसरी महिला के साथ पुन: बातचीत करना घूमना-फिरना शुरू कर दिया तथा रात में भी घर नहीं आता।
ननद-नंदोई बलराम को दूसरी शादी के लिये प्रेरित करते और सास-ससुर से मिलकर एकसार हो दहेज लाने के लिए नेहा पर दबाव बना उसे प्रताडि़त करने लगे। 29 अक्टूबर को सभी ने मिल कर नेहा से दुव्र्यवहार किया और बलराम ने कहा कि तुझे नहीं रखना चाहता, दहेज में कुछ नहीं लाई है, इसलिए मेरे घर से निकल जा। ससुर ने नेहा का हाथ पकड़ मारपीट करते हुए घर से बाहर निकाल दिया।
नेहा ने 112 में फोन किया और अपनी जान बचाते हुए डोंगरगढ़ थाना पहुंची। वहाँ से दुर्ग मायके लौटी नेहा की शिकायत बाद काउंसलिंग में भी जब ससुराल पक्ष अड़ा रहा तो सभी के खिलाफ गुरूवार की शाम जुर्म दर्ज किया गया है।


