दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 4 फरवरी । जिले में 15 से 17 वर्ष के बच्चों में दूसरा डोज लगवाने को लेकर खासा उत्साह देखा गया। पहला डोज लगवाने के बाद मंगलवार को दूसरा डोज लगवाने बड़ी संख्या में बच्चे सुबह से ही वैक्सीनेशन सेंटर और स्कूलों पर पहुंच कर वैक्सीनेशन कराया किन्तु बुधवार को बच्चों को वैक्सीन के आभाव में वापस लौटना पड़ा। जिसकी शिकायत वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अरुण वोरा तक पहुंची जिसके बाद उन्होंने सीएमएचओ से इस संबंध में तत्काल मुलाकात कर चर्चा की, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के मीडिया प्रभारी गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि टीके के कमी के संबंध में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराते हुए मांग भेजी गई है। जल्द से जल्द बच्चों के टीके मंगवा कर टीकाकरण कार्य पुन: प्रारंभ किया जाएगा।
प्रदेश के साथ साथ जिले में भी 3 जनवरी से 15 से 17 वर्ष के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन शुरू किया गया था। 28 दिन बाद एक फरवरी से जिले में दूसरा डोज लगना भी प्रारंभ हो गया। बच्चों को, कोवैक्सीन की डोज दी गई थी। कोवैक्सीन में 28 दिन के बाद दूसरा डोज़ लगवाना होता है। किन्तु दुर्ग शहरी क्षेत्र में केवल 1200 लोगों को दूसरी डोज लगाने के बाद टीके खत्म हो गए।
विधायक वोरा ने कहा कि कोरोना से बचने में टीकाकरण बहुत ही महत्वपूर्ण है। टीकाकरण कोविड-19 के संक्रमण से बचाने में हमारी काफी मदद करता है। तीसरी लहर में प्राय: देखा गया है कि जिन लोगों का संपूर्ण वैक्सीनेशन हुआ है,उनको काफी सुरक्षा मिली है। जिन लोगों को एक भी डोज नहीं लगी थी, उनको कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अधिक रहा है ।
लगातार आ रहे नए वैरिएंट के खतरों को देखते हुए जल्द से जल्द शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करना आवाहयक है। साथ ही जनता को मास्क लगा के रखना, भीड़ भाड़ से दूरी बनाए रखना, नियमित रूप से हाथों को सैनिटाइज करना या साबुन से धोना जैसी सावधानी भी बरतनी जरूरी है। उन्होंने जल्द से जल्द टीके की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


