दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 23 नवंबर। नशे का कारोबार हुक्का बार प्रदेश में पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है। कैबिनेट की बैठक में प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है। जिसके तहत प्रदेश में हुक्का बार संचालित करना एवं हुक्का बार में बैठकर नशा करना दोनों ही प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रतिबंध के बाद हुक्का बार चलाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। यह बातें प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के जोरातराई क्षेत्र में चर्चा के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से संबंधित कानून पूर्व में बहुत ही लचीला था। जिसके तहत इस अवैध कारोबार को संचालित करने वाला व्यक्ति अपराध करने के बावजूद तत्काल छूट जाता था। जिसका लाभ लेते हुए पुन: वह नशे के कारोबार को संचालित किया करता था। परंतु अब प्रदेश का गृह विभाग ने कोटपा एक्ट में एक माह से भी कम समय मे यह संशोधन विधेयक पूरा कर लिया है। अब राज्य सरकार ने कोटपा एक्ट संबंधित ने कानूनी को मंजूरी दे दी है। इस संशोधित नए कानून के तहत प्रदेश में अब हुक्का बार चलाने पर अधिकतम 3 साल की सजा है और 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नए कानून की जद में केवल हुक्का बार चलाने वाले ही नहीं बल्कि वहाँ बैठकर पीने वाले ही भी आएंगे। हुक्का बार में बैठकर हुक्का पीते हुए नशा करने वाले व्यक्ति को अधिकतम 5 हजार का जुर्माना देना होगा।
गृह मंत्री ने कहा कि केवल हुक्का बार ही नहीं उनके द्वारा नशे का कारोबार को प्रदेश में बंद करने के लिए गांजा, चरस, अफीम सहित अन्य नशे के संसाधनों के संबंध में पूरी तरह से कानून का अवलोकन करने के आदेशित किया है ताकि इस अवैध कारोबार को संचालित करने वालों पर कानून के तहत ठोस कार्रवाई की जा सके।
इस संशोधित एक्ट से अब कोटपा संज्ञेय अपराध में तब्दील हो गया है। अब इस मामले में पुलिस एफआईआर कर सकेगी। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तरप्रदेश, झारखंड गुजरात, पंजाब, असम राज्यों में पहले से ही हुक्का बार का संचालन प्रतिबंध है। हुक्का बार के प्रतिबंध के लिये शीतकालीन सत्र में विधेयक आएगा।


