दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 18 नवंबर। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा संशोधित परीक्षा परिणाम के अनुसार विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा पर हिन्दी विषय में पूर्व के परीक्षा परिणामों के अनुसार घोषित तीन शोधार्थी अपात्र से पात्र श्रेणी में आ गये हैं।
ज्ञात हो कि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा अक्टूबर में आयोजित पी-एच.डी. कोर्सवर्क परीक्षा के विश्वविद्यालय द्वारा घोषित परिणामों में समस्त 19 विषयों को मिलाकर 68 फीसदी शोधार्थी पात्र एवं 32 फीसदी शोधार्थी अपात्र घोषित किये गये थे। इन परीक्षा परिणामों से असंतुष्ट शोधार्थियों ने विश्वविद्यालय की कुलपति से मिलकर आग्रह किया था कि पीएचडी कोर्सवर्क परीक्षा परिणामों का एक बार पुर्नावलोकन कराया जाये।
शोधार्थियों के आग्रह को संज्ञान में लेते हुए कुलपति, डॉ. अरूणा पल्टा ने पीएचडी कोर्सवर्क परीक्षा के समस्त 19 विषयों के परीक्षा परिणामों की समीक्षा हेतु प्रत्येक विषय के तीन विषेषज्ञ प्राध्यापकों की समिति गठित कर उनसे शीघ्र समीक्षा कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु कहा था। समिति के सदस्यों से इस बात का भी आग्रह किया गया था कि यदि मॉडल आंसर में किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसके एवेज में संबंधित शोधार्थी को बोनस अंक प्रदान किया जाये। इसी प्रकार सिलेबस से बाहर के प्रश्न पाया जाने पर विषेषज्ञ समिति की अनुसंषा पर उन प्रश्नों को विलोपित कर बोनस अंक प्रदान किया जावे।
इस संबंध में विश्वविद्यालय को आज केवल दो विषयों हिन्दी तथा होमसाइंस विषयों की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें होमसाइंस विषय का परीक्षा परिणाम अपरिवर्तित रहा, जबकि हिन्दी विषय विषेषज्ञ समिति द्वारा आज सौंपी गई। रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय ने हिन्दी विषय के शोधार्थी के संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किये।
संशोधित परीक्षा परिणाम, मॉडल आंसर तथा पूछे गये प्रश्न, समस्त शोधार्थियों को मिले प्राप्तांक आदि का सम्पूर्ण विवरण (दोनों विषय हेतु) विश्वविद्यालय की अधिकृत वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। संशोधित परीक्षा परिणाम के अनुसार हिन्दी विषय में पूर्व के परीक्षा परिणामों के अनुसार घोषित तीन शोधार्थी अपात्र से पात्र श्रेणी में आ गये हैं।
यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव, डॉ. सी.एल.देवांगन ने बताया कि जैसे-जैसे विभिन्न विषयों के विषेषज्ञ समितियों द्वारा प्रतिवेदन रिपोर्ट विश्वविद्यालय को प्राप्त होती जाएगी, वैसे-वैसे उस विषय के शोधार्थियों के प्राप्तांक एवं सम्पूर्ण विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जायेगा।


