दुर्ग
दुर्ग, 15 नवंबर। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत श्रमिकों का ई-श्रम कार्ड बनाया जा रहा है। जिले में निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने रात्रिकालीन शिविर लगाकर श्रम कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिन श्रमिकों के पास भारत सरकार ई-श्रम कार्ड होगा, उनका 2 लाख रुपए तक की मु त बीमा होगी। जानकारी के मुताबिक दुर्ग जिले में कुल 6 लाख 2 हजार 38 श्रमिकों के ई-श्रम कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उक्त लक्ष्य को पूरा करने प्रतिदिन 13535 ई-श्रम कार्ड का पंजीयन किया जा रहा है। जिले में नवंबर माह के पहले सप्ताह तक एक लाख 13 हजार 801 श्रमिकों का ई-श्रम कार्ड के लिए पंजीयन किया जा चुका था। जिले में ई-श्रम कार्ड बनाने की प्रगति की उपलब्धि 19 प्रतिशत है। श्रमिकों का जो डेटाबेस तैयार किया जा रहा है उसे सीएससी समृद्ध करेगी। ई-श्रम पर सीएससी द्वारा श्रमिकों को पंजीकृत की जा रही है। आबादी का बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र में काम करता है। देश के अर्थव्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले इन श्रमिकों के ऊपर है। ई-श्रम पोर्टल अंतर्गत आने वाले कामगार में निर्माण, गिग व प्लेटफार्म, स्ट्रीट वेंडर, घरेलू कामगार, कृषि एवं अन्य असंगठित कामगार शामिल है। ई-जिला प्रबंधक श्रुति अग्रवाल का कहना है कि क्योंकि ज्यादातर श्रमिक दिन में काम करने चले जाते हैं जो शाम को लौटते हैं। इसलिए संचालकों को शाम से रात्रिकालीन शिविर लगाकर श्रमिकों का ई-श्रम कार्ड बनाने पंजीयन करने के निर्देश दिए गए हैं। असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले ऐसे श्रमिकों का ई-श्रम कार्ड बन सकता है, जिनकी आयु 16 से 59 वर्ष के बीच हो, जो इनकम टैक्स न पटाते हो, साथ ही ईपीएफएईएसआई एवं एनपीएस के सदस्य न हो, पंजीयन किसी भी चॉइस सेंटर, लोक सेवा केंद्र या सीएससी के माध्यम से करा सकते हैं अथवा साइट में अपना और अपने पर परिचितों का पंजीयन खुद भी कर सकते हैं।
युवाओं एवं समाजसेवी से अपील किया गया है कि वे अपने आसपास के किसी भी ऐसे कामगार जो उक्त पात्रता रखते हैं उनका पंजीयन कराकर इस पुनीत कार्य में अपनी भूमिका अदा कर सकते हैं।


