दुर्ग

मौसम का मिजाज बदलने से बढ़ी किसानों की चिंता
14-Nov-2021 7:35 PM
मौसम का मिजाज बदलने से बढ़ी किसानों की चिंता

सब्जियों को ज्यादा नुकसान की आशंका

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दुर्ग, 14 नवंबर। दीपावली त्यौहार के बाद धान की फसल कटाई में गति आ गई थी। मगर पिछले दो दिनों में जिले भर के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश की वजह से धान फसल कटाई में एकाएक ब्रेक लग गया है। मौसम का मिजाज बदलने और दिन भर आसमान में बादल छाए रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

बादल छाए रहने एवं बूंदाबांदी के बीच सब्जी वर्गीय फसल में फंगस लगने से नुकसान की संभावना बढ़ गई है। शुक्रवार शाम को दुर्ग विकासखंड के उमरपोटी, उतई, डुमरडीह सहित कई ग्रामों में बारिश हुई थी। वहीं आज सुबह भी दुर्ग, पाटन एवं धमधा विकासखंड के बहुत से ग्रामों में बारिश होने की जानकारी मिली है। धमधा क्षेत्र के कृषक दानेश्वर साहू का कहना है कि फसल कटाई में अच्छी गति आ गई थी।

उन्होंने कहा कि बारिश के बाद नमी आ जाने के कारण किसानों ने फसल कटाई रोक दी है। उनका कहना है कि एक-दो दिन और फसल कटाई प्रभावित रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि सब्जी वर्गीय फसल में बादल छाए रहने की वजह से फंगीसाइड लगना लगभग तय है। इससे फसलों को बचाने किसानों का खर्च भी बढ़ जाएगा। वहीं बोरई निवासी कृषक छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के महासचिव झबेन्द्र भूषण वैष्णव बताया कि उनके खेतों में धान की कटाई चल रही थी, जो बारिश होने की वजह से रुक गई है, हालांकि वर्तमान में ज्यादा बारिश नहीं होने से धान की फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है मगर आगे बारिश होने पर दिक्कतें बढ़ सकती है। कृषक रवि प्रकाश ताम्रकार का कहना है कि सब्जियों में कीट का प्रकोप लगना लगभग तय है।

वहीं छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के सदस्य प्रगतिशील कृषक जालम  पटेल का कहना है कि बारिश होने से धान, अरहर सहित सभी प्रकार के फसलों को नुकसान होगी। अरहर के फूल झड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सब्जियों में कीट का प्रकोप बढ़ेगा। मौसम खुलने के बाद ओस पडऩे पर ब्लाइट एवं बैक्टीरिया की संभावना भी बढ़ जाएगी। इससे सब्जी वर्गीय फसलों में नुकसान की संभावना है। उन्होंने बताया कि आज सुबह उनके ग्राम जाताधर्रा सहित आसपास ग्रामों में हल्की बारिश भी हुई है। आगे भी बारिश होने से धान की फसलों को भी नुकसान होगी।

ज्यादा बारिश होने पर कट चुकी फसल को नुकसान-उपसंचालक

उप संचालक कृषि एसएस राजपूत का कहना है कि फिलहाल ज्यादा बारिश नहीं हुई है। इससे बहुत नुकसान की संभावना नहीं है। ज्यादा बारिश होने पर जो फसल कट चुकी है उसे नुकसान हो सकता है।

रानीतराई क्षेत्र में ज्यादा बारिश होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा जो फसल काट कर खेतों में रखी गई है। उसमें पानी भरने पर बीमा दावा का लाभ किसानों को मिलेगा। श्री राजपूत के अनुसार जिले में अब तक धान की 15 से 20 प्रतिशत तक फसल की कटाई हो चुकी है।


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