दुर्ग

तीन दिवसीय आदिवासी गोडवाना महोत्सव आज से
12-Nov-2021 4:46 PM
तीन दिवसीय आदिवासी गोडवाना महोत्सव आज से

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमधा, 12 नवंबर।
ऐतिहासिक धरोहर धमधा राजा किला में तीन दिवसीय आदिवासी गोडवाना महोत्सव का अयोजन 13 से 15 नवंबर तक होगा, इसमें प्रदेश भर के गोंड आदिवासी अपनी पारंपरिक वेशभूषा नित्य व वाद्य यंत्रों से ईश्वर गौरा का महापूजा करेंगे? धमधा के राजपरिवार द्वारा आयोजित इस महोत्सव में धर्म धाम गौरागाथा समति सहयोग करिगी।
तीन दिन तक चलने वाली इस महोत्सव में धमधागढ़ किला के वंशज मरकाम, सोरी या खुसरो गोंड अपनी पारंपरिक महापूजा करेंगे। 13 नवंबर को शाम को गौरव स्थापना के लिए फूल कुचाई की परंपरा निभाई जाएगी।  

आयोजन समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 14 नवंबर को प्रदेशभर से आई युवक-युवतियों की टोली पारंपरिक नृत्य करते हुए नगर भ्रमण करेगी, जिसमें नगर वासियों को निमंत्रण दिया जाएगा। शाम को ईश्वर राजा गौरा और पंडा मूर्ति की स्थापना की जाएगी, इसमें बरात के साथ विवाह की रस्में, फेरा व पानीग्रहण के जरिए महापूजा होगा। रात भर चलने वाले इस महा पूजा में महिलाएं लोक गीत की प्रस्तुति देगी वाद्य मंदर है। बजाएंगे और युवा-युवतियां पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति देगी।

15 नवंबर को सर गौरव को बूढ़ादेव और महामाया दर्शन के लिए ले जाएगा नर्मदा स्नान के साथ विसर्जन झांकी निकाली जाएगी धर्मधाम गौरव गाथा समिति के अध्यक्ष वरिंद्र देवांगन ने बताया कि धमधा के राजा सांड जी के वंशजों द्वारा इसकी योजना किया जाता है। पहली बार नगरवासियों भी इसमें सहयोग कर रहे हैं, इसमें आदिवासी गोंडवाना की अनूठी संस्कृति व परंपरा का मौलिक रूप देखने को मिलेगा, जिसमें ईश्वर राजा गौरव माईना व पंडा गुरुदेव की पारंपरिक महापूजा होगी, जिसमें महिलाएं रात भर गीत गाते हुए जागती है। युवतियां अपने पारंपरिक वेशभूषा में नित्य प्रस्तुत करेंगी मांदर की थाप में बरात सात फेरों के साथ पानी ग्रहण की परंपरा निभागी।
 


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