दुर्ग

आवेदनों की एंट्री करने में छूट रहा पसीना
07-Sep-2021 7:46 PM
  आवेदनों की एंट्री करने में छूट रहा पसीना

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दुर्ग, 7 सितंबर। चिटफंड कंपनियों से धन वापसी के लिए प्राप्त किए गए आवेदनों की जानकारी शासन ने प्राप्त आवेदनों की 10 दिनों के अंदर एंट्री कर जानकारी देने के निर्देश दिए गए थे मगर 10 दिनों से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद भी अब तक आवेदनों की एंट्री का कार्य ही पूरा नहीं हो पाया है। आवेदनों की एंट्री करने के कार्य में दर्जनों कर्मचारियों को लगाया गया है मगर आवेदनों के अंबार के चलते इसकी एंट्री करने में कार्य में लगे कर्मचारियों को पसीना छूट रहा है। इस संबंध में तहसीलों से जानकारी भेजने उन्हें रिमाइंडर भेजा गया है।

गौरतलब है कि जिले में चिटफंड कंपनियों से धन वापसी के लिए लगभग 175000 आवेदन प्राप्त हुए हैं। लाखों की संख्या में प्राप्त आवेदनों का इतने कम समय में एंट्री करना जिले के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए मुसीबत बन चुका है। आवेदनों की एंट्री करने में लगभग आधा सैकड़ा कर्मचारी लगे हुए हैं। अकेले जिला मुख्यालय में 20 कर्मचारी चिटफंड कंपनियों से धन वापसी के लिए प्राप्त आवेदनों के एंट्री करने में जुटे हैं। इसी प्रकार दुर्ग, धमधा, पाटन, अहिवारा एवं बोरी तहसील कार्यालयों में भी प्राप्त आवेदनों के एंट्री करने के लिए दर्जनों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आवेदनों की तादाद को देखते हुए कई तहसील कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या कम पड़ रही है। प्राप्त आवेदनों की एंट्री का कार्य पूरा हो जाने के पश्चात ही   अलग-अलग कंपनियों के खिलाफ कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं एवं इनमें कितनी-कितनी रकम किस कंपनी में निवेशकों के डूबे हैं, इसकी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। निवेशकों को आवेदनों की एंट्री पश्चात शासन द्वारा आगे के कार्रवाई का इंतजार है। वे कंपनियों में डूबी रकम की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

गृह विभाग ने जिला प्रशासन को आवेदनों की एंट्री कर जानकारी मंगाई है मगर तहसीलों से ही इसकी जानकारी अब तक नहीं पहुंची है। ऐसे इन आवेदनों की एंट्री का कार्य कब तक पूरा हो पाएगा, यही बताना मुश्किल हो रहा है। जिला कोषालय अधिकारी राघवेंद्र कुमार का कहना है कि तहसीलों को रिमाइंडर भेजा गया है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे, जिनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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