दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 27 अगस्त। छत्तीसगढ़ भाजपा विधायक दल के स्थाई सचिव जितेंद्र वर्मा ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि ओबीसी संशोधन बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को हरी झंडी दे दी है। अब यह बिल कानून की शक्ल ले चुका है। मानसून सत्र के आखिरी समय में ओबीसी संशोधन बिल को पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा से पारित करवाया गया था। इस बिल को पक्ष और विपक्ष, दोनों ने समर्थन दिया था। बिल के कानून बनने के बाद अब राज्य खुद से ओबीसी लिस्ट बना सकेंगे।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने विधेयक को विचार और पारित करने के लिए पेश करते हुए कहा था कि संविधान (127 वां संशोधन) विधेयक, 2021 एक ऐतिहासिक कानून है, क्योंकि इससे देश की 671 जातियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा था कि यह संविधान संशोधन राज्यों को ओबीसी सूची तैयार करने का अधिकार देने के लिए लाया गया है। मंत्री ने कहा कि विधेयक को 105वें संविधान संशोधन विधेयक के रूप में माना जाना चाहिए।
संसद में ओबीसी बिल पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021 का दोनों सदनों में पास होना हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण क्षण है। यह विधेयक सामाजिक सशक्तीकरण को आगे बढ़ाता है. यह हाशिए पर पड़े वर्गों को सम्मान, अवसर और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
श्री वर्मा ने कहा कि इस बिल को मंजूरी मिलने से किस जाति को ओबीसी में शामिल करना है, यह अधिकार राज्यों को मिल चुका। जिन भी जातियां को ओबीसी में शामिल करना है।
इसका मार्ग प्रशस्त हो गया।


