दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 23 अगस्त। किसानों को पानी के अभाव में मुरझाती फसलों को बचाने काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। तांदुला जलाशय में इस साल अभी तक कुल क्षमता का मात्र 15 प्रतिशत ही जलभराव हो पाया है। वहीं सिंचाई के लिए खपरी जलाशय से पानी छोड़ा जा रहा था, जिसका भी गेट बंद हो गया है। तांदुला मुख्य नहर में मरोदा जलाशय को भरने पानी छोड़ा जा रहा है। जहां भी नहर से कोई भी व्यक्ति सीधे पानी लिफ्ट न करने पाए, इसके लिए जल संसाधन विभाग द्वारा यहां पर भी पहरा लगा दिया गया है।
सावन का महीना खत्म होने को है मगर अब तक जलाशय खाली है जो कि चिंता का विषय है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा सिंचाई तांदुला जलाशय से होती है जो कि खाली है। वहीं कुछ दिनों से दुर्ग ग्रामीण के कुछ क्षेत्रों में सिंचाई के लिए खपरी जलाशय से पानी उपलब्ध कराया जा रहा था, जिसका भी पानी खाली हो जाने के पश्चात खपरी जलाशय का गेट 3 दिन पूर्व बंद कर दिया गया है।
तांदुला जल संसाधन विभाग के एसडीओ एसके देवांगन के अनुसार जिले के छोटे जलाशय भी लगभग खाली है। एकमात्र मासाभाट जलाशय में थोड़ा जल भराव हो पाया है, जहां से सिंचाई के लिए पानी फिलहाल दिया जा रहा है जो कि कुछ क्षेत्रों तक सीमित है। श्री देवांगन ने बताया कि वर्तमान में मरोदा डैम में पानी भरने एमआरपी से पानी छोड़ा जा रहा है जो तांदुला मुख्य नहर से होकर मरोदा जलाशय तक पहुंच रहा है।
दो दर्जन मोटर पंप जब्त
मरोदा जलाशय को भरने छोड़े जा रहे पानी को अनेक स्थानों पर किसान सुखती फसलों को बचाने तांदुला मुख्य नहर में मोटर पंप लगाकर सीधे पानी लिफ्ट कर रहे थे, जिसकी शिकायत मिलने पर बालोद संभागीय जल संसाधन कार्यालय के अधिकारी भी सतत नहर की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पिछले दिनों नहर की मॉनिटरिंग करने पहुंचे अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर लगभग दो दर्जन मोटर पंप जब्त किए। इन मोटर पंपों से तांदुला मुख्य नहर का पानी सीधा लिफ्ट किया जा रहा था। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चूंकि जलाशय भी खाली है। ऐसी स्थिति में मड़ौदा जलाशय को भरने के लिए छोड़ा गया पानी अन्यत्र कोई लिफ्ट न किया जाए, इसके लिए निरंतर अभी भी मॉनिटरिंग का काम जारी है।


