दुर्ग

बिजली व मुआवजे में भेदभाव के मुद्दों पर 23 को किसान करेंगे प्रदर्शन
22-Aug-2021 6:16 PM
बिजली व मुआवजे में भेदभाव के मुद्दों  पर 23 को किसान करेंगे प्रदर्शन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 22 अगस्त। 
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने शासन प्रशासन पर जिले के दुर्ग व धमधा तहसीलों के किसानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया गया। बिजली, मुआवजे आदि को लेकर किए जा रहे भेदभाव का मुद्दा तुल पकड़ता जा रहा है। उक्त मुद्दे को लेकर किसानों ने 23 अगस्त को प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

किसानों में इस बात के लिए आक्रोश है कि अनियमित बारिश के कारण किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। अपने फसल की रक्षा को लेकर वे चिंतित  हैं।  दुर्ग एवं धमधा तहसील के नलकूप वाले किसान भी बिजली की कटौती के चलते फसलों में पानी सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसी दिन कुछ घंटों के लिये बिजली मिलती है, तब कम वोल्टेज के कारण पंप काम नहीं करते हैं। अक्सर एक फेस में बिजली की आपूर्ति बंद रहती है, ऐसे संकट की घड़ी में भी रोज 6 घंटों तक बिजली की कटौती जारी रखा गया है।

मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के क्षेत्रों में भेदभाव करने का उदाहरण देते हुए किसानों ने कहा कि पाटन क्षेत्र में एडीबी प्रोजेक्ट के अंतर्गत सेलूद, रानीतराई पाटन रोड का निर्माण किया गया है, जहां प्रचलित आबादी के   मुख्यमंत्री पट्टाधारियों को भू स्वामी मानकर मुआवजे की गणना की गई है जबकि दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में एडीबी प्रोजेक्ट के अंतर्गत ही ठेलकाडीह से बोरई, नगपुरा, मालूद, बेलौदी, चिखली, दुर्ग रोड का निर्माण किया जा रहा है। जिसके प्रचलित आबादी के मुख्यमंत्री पट्टाधारियों को भूमि स्वामी नहीं माना जा रहा है और मुआवजे की राशि से वंचित किया जा रहा है। किसान संगठन इस बात के लिए चिंतित है कि अनियमित वर्षा के कारण सिंचित और असिंचित दोनों धान की फसलें 40 से 50 प्रतिशत तक खराब हो गई है। 

सरकार को प्रभावित गांव के किसानों को आरबीसी 6-4 के प्रावधान के अनुसार सूखा राहत प्रदान करने की कार्रवाई अविलंब शुरू करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने बिजली, खाद, सूखा राहत और मुआवजे में भेदभाव के मुद्दों पर सोमवार 23 अगस्त को दुर्ग में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। संगठन की बैठक में राजकुमार गुप्त, आई के वर्मा, उत्तम चंद्राकर, परमानंद यादव, बंशी देवांगन, दीपक यादव, बद्रीप्रसाद पारकर, बाबूलाल साहू, कल्याण सिंह ठाकुर, संतु पटेल, यीशू साहू, विष्णु साहू, वेदनाथ हिरवानी, मंगलूराम बघेल, गौरवसिंह ठाकुर, लता चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

 


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