धमतरी

महिला आयोग ने की 11 प्रकरणों की सुनवाई
18-Dec-2024 3:38 PM
महिला आयोग ने की 11 प्रकरणों की सुनवाई

पति मानसिक रूप से पीडि़त था आयोग के निर्देश पर सेंदरी अस्पताल में हुआ स्वस्थ

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी,18 दिसंबर।
छग राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक सहित सदस्य सरला कोसरिया, दीपिका सोरी एवं ओजस्वी मंडावी ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष धमतरी में महिला उत्पीडऩ की सुनवाई की। 

आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में धमतरी जिला में 11वीं सुनवाई हुई, जिसमें कुल 11 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान आवेदिका ने महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक को फोन के माध्यम से धन्यवाद ज्ञापित किया। मामला पूर्व में आवेदिका द्वारा शिकायत थी कि उसके पति की मानसिक स्थिति बीमार होने की वजह से बिखर गया है उसके दो बच्चे भी है।

पिछली सुनवाई में महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने पुलिस अधीक्षक धमतरी से टेलीफोनिक चर्चा कर आवेदिका के पति के ईलाज संबंधित निर्देशित किया था, जिसमें महिला सेल धमतरी के सहयोग से आवेदिका के पति को सेंदरी अस्पताल में ईलाज कराने हेतु भर्ती कराया गया था, जिसमें वह पूर्णत: स्वस्थ होकर परिवार की जिम्मेदारी उठा रहा है। महिला आयोग के सहयोग की वजह से आज एक परिवार फिर से जुडक़र एक नया जीवन जीने की ओर तत्पर है।

उभयपक्ष उपस्थित छग झेरिया गड़रिया (धनकर) समाज के अध्यक्ष उपस्थित हुए है। आवेदिका ने बताया कि उन्होंने 35 वर्ष पूर्व अंतरजातीय विवाह किया गया, जिस पर पिछली सुनवाई में अनावेदकों ने सामाजिक बैठक की सहमति दिया था, जिसमें 14 मई को अहिवारा में समाज की बैठक में आवेदिका और उसके समाज के लोग भी पहुंचे थे, लेकिन वहां अनावेदक क्र. 01 एवं 02 के द्वारा सार्वजनिक माइक पर आवेदिका के परिवार का मजाक बनाया गया 

आवेदिका का कथन का समर्थन समाज के अध्यक्ष ने भी किया कि वह सामाजिक नियम के तहत 2018 के पूर्व विवाह करने वाले को मिलाने के ही बैठक रखे थे जिसमें 30 हजार देने की बात कही थी और आवेदिका को भरे समाज में लगातार अपमान किया था, जो जिसके लिए आवेदिका इन दोनों के खिलाफ मानहानि एवं आपराधिक मामला प्रस्तुत कर सकती है।
समाज के अध्यक्ष एवं दोनों अनावेदकगणों को माफ करने का प्रस्ताव दिया गया, जिस पर अनावेदक क्र. 01 एवं 02 ने दोनों ने हाथ जोडक़र माफी मांगा की भरे समाज में जो कि आवेदिका का अपमान किया था, उसके लिए वह माफी चाहते हंै और भविष्य में ऐसा कृत्य दोबारा नहीं करेंगे। 

अध्यक्ष ने आयोग से निवेदन किया गया है कि फरवरी में वार्षिक सभा में इस प्रकरण का अंतिम निराकरण कर दिया जाएगा। इस प्रकरण को आयोग के फरवरी में सुनवाई हेतु रखा गया है। आर्डरशीट एवं आवेदन की कॉपी आवेदिका को निशुल्क प्रदान किया जा रहा है। 
 


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